Maharashtra TET Paper Leak Bhiwandi Exam Controversy: महाराष्ट्र के भिवंडी में कुछ लोगों के पास से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवाल मिलने की घटना पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह इस बात का संकेत है कि 'प्रश्न पत्र' लीक अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की पहचान बन गई हैं। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को कहा कि खबरों के अनुसार रविवार को होने वाली टीईटी का प्रश्नपत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में लीक हुआ है।
लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद करने वाले इस गिरोह को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है? प्रश्न पत्र लीक अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गईं बल्कि 'इस विफल सरकार की पहचान' बन चुकी हैं। कांग्रेस ने टीईटी मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता विजय वटेट्टीवार ने कहा कि ठाणे में पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। कुछ भ्रष्ट लोगों की हरकतों की वजह से उनकी मेहनत पल भर में बेकार हो गई।
एक समय था जब महाराष्ट्र अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कॉम्पिटिटिव एग्जाम में सफलता के लिए जाना जाता था। अब राज्य पेपर लीक की घटनाओं के लिए जाना जाता है। सरकार सिर्फ जांच की घोषणा करने में व्यस्त है। हर बार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया जाता है, लेकिन उसके बाद एक नया पेपर लीक मामला सामने आ जाता है। इसका मतलब है कि दोषियों में कानून का डर खत्म हो गया है या उन्हें किसी से सुरक्षा मिल रही है।
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि बीजेपी को संविधान बदलने के लिए पार्टी को तोड़ने के बजाय बार-बार हो रहे पेपर लीक को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। बीजेपी ने देश का भविष्य बर्बाद कर दिया है। पिछले दस वर्षों में महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही है, इससे हमारे राज्य की बदनामी हुई है। इस घटना ने सरकार की नाकामी को उजागर कर दिया है।
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राकांपा (एसपी) के प्रवक्ता अमोल मतेले ने कहा कि अगर शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, तो फिर कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया, इससे पहले सीबीएसई, नीट यूजी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। इस सरकार ने राजनीतिक दलों को तोड़ा और सांसदों को अपने पाले में किया। अब ऐसा लगता है कि यह सरकार लीक और विश्वासघात के लिए भी जानी जाने लगी है। उन्होंने टीईटी स्थगित किए जाने को बेहद गंभीर मामला करार दिया।
राकांपा (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि चाहे नीट हो या टीईटी यह देश का दुर्भाग्य है कि सरकार कोई भी परीक्षा ठीक से नहीं करा पाती। नीट पेपर लीक रद्द होने पर कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली। यह परीक्षा दोबारा हुई तो पूरे देश ने देखा कि इस पूरे मामले में सरकार शिक्षा क्षेत्र को लेकर कितनी बेपरवाह है। यह साफ है कि महाराष्ट्र एग्जामिनेशन काउंसिल ने नीट पेपर लीक से कोई सबक नहीं सीखा है। सरकार ने नीट परीक्षा कराने के लिए आर्मी बुलाई थी। क्या अब टीईटी परीक्षा कराने के लिए ऐसी ही मदद ली जाएगी।