Sugar Sale Increased To 14 Lakh Tonnes: त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए 14 लाख टन का बिक्री कोटा निर्धारित किया है।
यह सितंबर के पहले पखवाड़े के 13 लाख टन के मुकाबले 1 लाख टन अधिक है। यह कोटा 1 से 15 अक्टूबर तक लागू रहेगा।
सरकार ने सितंबर 2026 से चीनी के लिए मासिक के बजाय पखवाड़ेवार कोटा व्यवस्था लागू की है, ताकि मांग और आपूर्ति की निगरानी अधिक करीब से की जा सके तथा बाजार में कृत्रिम कमी और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके।
सरकार के अनुसार, मिलों को आवंटित चीनी का कम से कम 40 प्रतिशत पहले सप्ताह में बेचने और बिक्री के सात दिनों के भीतर चीनी की आपूर्ति करने के निर्देश हैं।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के उदय सुरेशभाई ठक्कर के अनुसार, बाजार में आवक कमजोर रहने से गुड़ और चीनी के भाव फिलहाल स्थिर से कमजोर रहे। अधिक कोटा जारी होने और महीने के अंत में लिफ्टिंग का दबाव बढ़ने से मिल डिलीवरी चीनी के भाव 4,500-4,600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास सुस्त रहे।
महाराष्ट्र में मांग कमजोर रहने से चीनी के भाव में करीब 20 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट बताई गई है। दूसरी ओर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मंडियों में गुड़ की आवक कमजोर रहने से कीमतों में मजबूती दिखाई दी। गुड़ पेड़ी के भाव 5,900-6,000 रुपये और ढैया के भाव 6,100-6,200 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
मुजफ्फरनगर मंडी में आवक बेहद कम रहने से गुड़ लड्डू के भाव 50 रुपये बढ़कर 2,380-2,385 रुपये प्रति 40 किलो हो गए, जबकि खुरपा 2,000-2,050 रुपये प्रति 40 किलो पर रहा। हापुड़ में गुड़ बाल्टी के भाव 25-30 रुपये बढ़कर 1,950-1,980 रुपये प्रति 40 किलो पहुंच गए।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोटा बढ़ाए जाने से त्योहारी मांग के दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, चीनी के खुदरा भाव घटेंगे या नहीं, यह आगे की मांग, मिलों की आपूर्ति और बाजार में वास्तविक उपलब्धता पर निर्भर करेगा। सरकार ने घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पखवाड़ेवार कोटा व्यवस्था को इसी उद्देश्य से लागू किया है।