मुंबई एसआरए (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra SRA Policy: महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि झोपड़पट्टी पुनर्वास योजना (एसआरए) के तहत फिलहाल झुग्गियों की पहली मंजिल पर रहने वाले लोगों को घर देने का कोई प्रावधान नहीं है।
राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी और कहा कि इस संबंध में नियमों में बदलाव पर केवल शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के विधायक सुनील प्रभू, वरुण सरदेसाई और कांग्रेस के असलम शेख सहित कई अन्य सदस्यों ने गुरुवार को विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था।
चर्चा के बाद ही इस पर फैसला
- सदस्यों ने तर्क दिया कि झोपड़पट्टियों में बड़ी संख्या में लोग ऊपरी मंजिलों पर भी दशकों से निवास कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान पुनर्वास नीति में उन्हें पात्र नहीं माना जाता, जो कि अन्यायपूर्ण है। चर्चा में भाग लेते हुए राहुल नार्वेकर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा एसआरए नियमों के तहत केवल जमीन से सटे (ग्राउंड फ्लोर) ढांचों को ही चिन्हित कर एनेक्सर-2 में शामिल किया है।
- अगर मुंबई को सच में झुग्गी-मुक्त बनाना है, तो नीति में बदलाव लाना होगा। निचली मंजिल के साथ-साथ ऊपरी मंजिलों पर रहने वालों को भी पुनर्वास का लाभ देना जरूरी है, अन्यथा ये लोग कहीं और झुग्गी बसाकर समस्या को बढ़ा देंगे। सरकार को उन सभी लोगों को घर देने पर विचार करना चाहिए, जिनके पास 2011 से पहले से उस झुग्गी में निवास करने के वैध प्रमाण मौजूद है।
- देसाई ने आश्वस्त किया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रही है। इस विषय पर मैं सीएम और दोनों DCM के साथ चर्चा करूंगा। उसके बाद ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा, उनके इस बयान से फिलहाल ऊपरी मंजिल के हजारों झुग्गीवासियों को उम्मीद की एक किरण जरूर नजर आई है।