शंभूराज देसाई ने जितेंद्र आव्हाड के बयान की आलोचना, बोले- जानबूझकर माहौल खराब...

Maharashtra News: जितेंद्र आव्हाड के 'सनातन धर्म' पर दिए गए विवादित बयान की कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने आलोचना की है। उन्होंने दावा किया है कि आव्हाड जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे है।
कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई (pic credit; social media)
कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई (pic credit; social media)
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Maharashtra Politics: एनसीपी-एसपी नेता जितेंद्र आव्हाड के 'सनातन धर्म' पर दिए गए विवादित बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया है। कई विपक्षी नेताओं ने उनके इस बयान की आलोचना की है। नितेश राणे ने तो उनके इस बयान के लिए शरद पवार से जवाब मांगा है। आव्हाड के बयान पर अब शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देना सही नहीं है और ऐसी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। ऐसा लगता है कि आव्हाड जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

मंत्री शंभूराज देसाई ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि सनातन संस्कृति के बारे में इस तरह की बात करना या इसकी किसी से तुलना करना ठीक नहीं है। ऐसा बयान देना सही नहीं है, ऐसी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। महाराष्ट्र में काम करने वाले लोग सद्भावना बढ़ाने और 'सर्वधर्म समभाव' के भाव से काम करते हैं।

भारत बनाम पाक क्रिकेट मैच पर ये बोले

मंत्री शंभूराज देसाई ने भारत बनाम पाक क्रिकेट मैच को लेकर कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो हमारे पर्यटकों पर गोलियां चलाता है, ऐसे देश के साथ कोई संबंध नहीं होना चाहिए। लेकिन मैच को लेकर हमारी पार्टी चर्चा और विमर्श करेगी, इसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर दी जाएगी।

पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी उन्हें शोभा नहीं देती

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान को लेकर देसाई ने कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी उन्हें शोभा नहीं देती और हम उनके बयान की निंदा करते हैं। पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।

जब साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनसे कहा गया कि अगर वह कुछ लोगों का नाम लेंगी, जो मामले में शामिल भी नहीं थे, तो उनका नाम मामले से हटा दिया जाएगा, इससे साफ पता चलता है कि पुलिस प्रशासन दूसरों को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मालेगांव केस में राजकीय फायदा लेकर पीएम मोदी और मोहन भागवत जैसे बड़े नामों को साजिश के तहत फंसाने का काम किया जा रहा था। इसकी जांच होनी चाहिए।

(News Source-आईएएनएस)

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