स्किल फर्स्ट मॉडल हुआ लॉंच कार्यक्रम (सोर्स: नवभारत फोटो) 
मुंबई

महाराष्ट्र को कौशल संपन्न बनाने की तैयारी, स्किल फर्स्ट पैटर्न के जरिए प्रशिक्षण, उद्योग और रोजगार को मिला मंच

Maharashtra Skill First Model: महाराष्ट्र में स्किल फर्स्ट मॉडल हुआ लॉंच। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आईटीआई ट्रेनिंग और विदेशी रोजगार के लिए किए 3 बड़े समझौते। युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर।

गोरक्ष पोफली

Skill First Model Global Employment Opportunities For Youth: विश्व युवा कौशल दिवस पर महाराष्ट्र सरकार ने कौशल विकास को नई दिशा देते हुए 'स्किल फर्स्ट' पैटर्न को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। एल्फिन्स्टन टेक्निकल हाईस्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने प्रशिक्षण, औद्योगिक साझेदारी और वैश्विक रोजगार से जुड़े विभिन्न उपक्रमों का शुभारंभ किया।

विश्व बैंक समर्थित दक्ष परियोजना के तहत शासकीय आईटीआई के प्रशिक्षकों के लिए निदेशक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। पहले चरण में 240 प्रशिक्षकों को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनसी मशीनिंग, रेफ्रिजरेशन, प्लंबिंग, वेल्डिंग और एरोनॉटिकल क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियां इसमें सहयोग करेंगी।

विदेशी रोजगार के लिए तीन अहम समझौते

राज्य ने तीन संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इनके माध्यम से भाषा प्रशिक्षण, प्रस्थान-पूर्व तैयारी, दस्तावेजी सहायता, डिजिटल ट्रैकिंग और प्लेसमेंट के बाद सहयोग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को देश और विदेश में रोजगार पाने में मदद मिलेगी।

प्रतिभाशाली युवाओं पर विशेष ध्यान

सिंहस्थ कुंभ मेले की जरूरतों को देखते हुए 4,000 अभ्यर्थियों के पूर्व कौशल ज्ञान प्रमाणीकरण और 300 युवाओं के अल्पकालीन प्रशिक्षण को मंजूरी दी गई। कार्यक्रम में वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के लिए चयनित महाराष्ट्र के पांच प्रतिभागियों का सम्मान किया गया। मंत्री ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए क्रमशः 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपए के पुरस्कार की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से महाराष्ट्र को देश का सबसे अधिक कौशल-संपन्न राज्य बनाया जाएगा।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कौशल विकास के क्षेत्र में हो रहे इन बदलावों को राज्य के आर्थिक विकास की धुरी बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि 'स्किल फर्स्ट' नीति के माध्यम से न केवल स्थानीय स्तर पर उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल कार्यबल तैयार होगा, बल्कि महाराष्ट्र के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। सरकार की इन दूरदर्शी योजनाओं का अंतिम लक्ष्य राज्य के सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें सीधे मुख्यधारा के रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से आत्मनिर्भर बनाना है।

लगातार किया गया बदनाम...पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी की मौत पर छलका ममता बनर्जी का दर्द, कहा- झूठे आरोप लगाए गए

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

बंगाल में CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर हत्या, बीजेपी पर हमला कराने का आरोप; CM शुभेंदु का आया बयान

तिरंगे की शान में ड्यूटी निभाते हुए कांस्टेबल ए. धर्मराज ने गंवाई जान, CM विजय ने परिवार को दिए 30 लाख

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां