Maharashtra Voter List SIR Revision Process Relief: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के बीच मतदाताओं के लिए राहत की जानकारी सामने आई है।
‘नो मैपिंग’ या ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में नोटिस पाने वाले मतदाताओं को हर मामले में व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी।
अधिकारियों के अनुसार, जिन महाराष्ट्र मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया गया है, उनके घर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जाएंगे। BLO संबंधित मतदाता से आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण जुटाएंगे।
इसके बाद प्राप्त दस्तावेजों और सत्यापन के आधार पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) मामले में उचित निर्णय लेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ओर से बताया गया है कि निर्वाचन आयोग के संशोधित निर्देशों के तहत मतदाता अपने जरूरी दस्तावेज या अन्य प्रमाण संबंधित BLO को WhatsApp के माध्यम से भी भेज सकते हैं।
इससे उन मतदाताओं को सुविधा मिलेगी, जिन्हें दस्तावेज जमा करने के लिए कार्यालय जाने में परेशानी हो सकती है।
‘तार्किक विसंगति’ से जुड़े मामलों में निर्णय संबंधित विसंगति के प्रमाण के लिए आवश्यक विशेष दस्तावेजों या BLO की ओर से प्रस्तुत सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
यानी हर नोटिस वाले मामले में मतदाता की व्यक्तिगत उपस्थिति को अनिवार्य नहीं माना गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, केवल असाधारण परिस्थितियों में ERO या AERO की ओर से व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसा तब होगा, जब निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध न हों या प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर मामले पर निर्णय लेना संभव नहीं हो। इस व्यवस्था का उद्देश्य SIR प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन को सुविधाजनक बनाना है।