Auto Taxi Driver Language Inspection Mumbai: महाराष्ट्र सरकार की गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों पर कार्रवाई के बीच मुंबई महानगर क्षेत्र के कई इलाकों में सड़कों पर व्यावसायिक यात्री वाहनों की संख्या घट गई है।
मराठी भाषा की बुनियादी जानकारी नहीं होने पर नोटिस और आगे बैज निलंबित होने के डर से कई चालक घर पर ही रहे। राज्य भर में हो रही जांच में बड़ी संख्या में चालकों को मराठी का व्यावहारिक ज्ञान नहीं पाया जा रहा है, ऐसे में उन्हें आरटीओ अधिकारी नोटिस थमा रहे हैं।
महाराष्ट्र में गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। ठाणे, सायन और कुर्ला के कुछ हिस्सों में कई चालकों ने कार्रवाई के डर से वाहन सड़क पर नहीं उतारे। कई चालक बता रहे हैं कि नोटिस मिलने के दबाव में ऑटो-टैक्सी चालक अपने वाहनों को घर पर ही खड़ी कर दे रहे हैं।
महाराष्ट्र में फिलहाल ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के 9.65 लाख परमिट हैं। गुरुवार को शुरू हुई राज्यव्यापी जांच के पहले दिन 8,217 चालकों की जांच की गई। इनमें एमएमआर में 3,995 चालक शामिल थे, जिनमें 604 को आवश्यक मराठी दक्षता नहीं होने पर नोटिस दिया गया। राज्य के अन्य हिस्सों में 4,222 चालकों की जांच हुई और 664 को नोटिस जारी किए गए।
शुक्रवार को कुर्ला, ठाणे, दादर और मुंबई सेंट्रल में आरटीओ की फ्लाइंग स्क्वॉड ने जांच की। ठाणे में तीन-तीन अधिकारियों वाली चार टीमों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन बैज की जांच के बाद चालकों से मराठी में नाम, जन्मस्थान, यात्री शिष्टाचार, मार्ग, किराया और सड़क सुरक्षा से जुड़े सामान्य सवाल पूछे।
ऑटो चालक कल्लू गिरी ने बताया कि वे कई सप्ताह से आरटीओ या स्थानीय भाषा प्रशिक्षण केंद्र में मराठी कक्षा में दाखिला लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब उन्हें निजी तौर पर मराठी सीखने का सहारा लेना पड़ रहा है।"
अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। जिन चालकों को मराठी का अपेक्षित ज्ञान नहीं होगा, उन्हें एक महीने में बुनियादी मराठी सीखने का समय मिलेगा। दोबारा जांच में असफल होने पर बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन पर आगे की कार्रवाई भी संभव है।
इस अभियान का असर मराठी भाषी चालकों पर भी पड़ा है। बोरीवली आरटीओ में परमिट नवीनीकरण के लिए पहुंचे एक मराठी भाषी चालक को वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बाद में आने को कहा गया। यह कार्रवाई परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के उस निर्देश की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें वाहन परमिट जारी करने और नवीनीकरण के दौरान मराठी दक्षता का प्रमाणन तथा बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है।