छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर (सोर्स: AI) 
मुंबई

छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर की अवधि बढ़ी, अब 22 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक लगेंगे शिविर

Maharashtra Revenue: आषाढ़ी वारी (यात्रा) को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 'छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर' की अवधि बढ़ाकर 22 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक कर दी।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Maharashtra Revenue Scheme: आषाढ़ी वारी (यात्रा) को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 'छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर' अभियान की अवधि बढ़ाने का अहम फैसला लिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की कि अब यह अभियान 22 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चलेगा, ताकि राज्य के नागरिक और जनप्रतिनिधि इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकें।

हर विधानसभा क्षेत्र में शिविर

इसके अनुसार विधानसभा क्षेत्र अपनी सुविधा के अनुसार इन 11 दिनों में किसी भी एक दिन इस भव्य शिविर का आयोजन कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन और पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. अजितदादा पवार की जयंती के अवसर पर यह समाधान शिविर आयोजित किए जाने थे। पहले हर विधानसभा क्षेत्र में 22, 25 या 26 जुलाई को शिविर तय किए गए थे।

आषाढ़ी वारी के कारण बढ़ी शिविर की अवधि

आषाढ़ी एकादशी 25 जुलाई को होने के कारण महाराष्ट्र के लाखों वारकरी, नागरिक और जनप्रतिनिधि पंढरपुर वारी में शामिल होंगे। ऐसे में कई जनप्रतिनिधियों ने सरकार से समाधान शिविर की तिथियों में बदलाव की मांग की थी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान का लाभ उठा सकें।

मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने 'छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर' की अवधि बढ़ा दी। अब यह अभियान 22 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिससे सभी विधानसभा क्षेत्रों को अपनी सुविधा के अनुसार शिविर आयोजित करने का अवसर मिलेगा और नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

अभियान का उद्देश्य

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग की योजनाओं और सेवाओं को आम जनता तक, खासकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। राजस्व विभाग को अधिक जनोन्मुख, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नागरिकों के राजस्व से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निपटारा।

विभिन्न प्रमाणपत्र और सेवाओं का लाभ एक ही जगह पर, सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और काम समय पर होंगे।

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