मुंबई AC लोकल में AC फेल! यात्रियों में मची घबराहट, एक यात्री को अस्पताल ले जाना पड़ा

Mumbai AC Local Train AC Failure: मध्य रेलवे की टिटवाला-CSMT AC लोकल का एसी मुलुंड स्टेशन पर फेल हो गया। घुटन से तीन यात्री बीमार हुए, एक को अस्पताल ले जाना पड़ा। जांच जारी है।
Central Railway Mumbai AC Local Train AC Failure Mulund Passengers Panic
मुंबई एसी लोकल (सोर्स: AI)
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Central Railway Mumbai AC Local Train AC Failure: सोमवार को मध्य रेलवे की एक एसी लोकल में अचानक एयर-कंडीशनिंग सिस्टम फेल हो जाने से यात्रियों में घबराहट के साथ अफरातफरी मच गई। पीक आवर में सुबह 8.33 बजे की टिटवाला-CSMT AC लोकल ट्रेन सुबह करीब 9.30 बजे मुलुंड रेलवे स्टेशन पहुंची थी कि कुछ यात्रियों को बेचैनी होने लगी।

वह एसी लोकल प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर करीब 15 मिनट तक फंसी रही। यात्रियों के मुताबिक, AC सिस्टम के काम करना बंद करने और ट्रेन के दरवाजे और खिड़कियां बंद रहने की वजह से तीन से चार यात्री बेहोश हो गए।

और 1 यात्री को अस्पताल ले जाना पड़ा

मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार तकनीकी कारणों से एसी बंद होने पर 3 यात्रियों को बेचैनी की शिकायत हुई। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई में 9.38 बजे ट्रेन के मुलुंड स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को तुरंत प्राथमिक सहायता दी गई।

इनमें से 2 यात्रियों की हालत ट्रेन से उतरकर खुली हवा में आने के बाद बेहतर हो गई। इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की यात्रा जारी रखी। तीसरे यात्री फहीम अंसारी को अस्पताल ले जाया गया। वहां उन्हें आवश्यक उपचार के बाद ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

AC रेक कारशेड भेजी गई

AC लोकल में एयरकंडीशनर की शिकायत के बाद उक्त रेक को कुर्ला कारशेड में सेवा से हटाकर विस्तृत जांच, निरीक्षण और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए कुर्ला कारशेड भेज दिया गया।

उसके बाद सुबह की अगली सेवाओं का संचालन नॉन-AC रेक से किया गया। रेलवे ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की जांच की जा रही है।

AC लोकल को लेकर उठे सवाल

उल्लेखनीय है कि पीक आवर में साधारण लोकल की जगह एसी लोकल चलाए जाने पर यात्रियों ने सवाल खड़े किए हैं। बंद दरवाजे की एसी लोकल में एयर कंडीशनर बंद हो जाने या कोई और तकनीकी गड़बड़ी आने से यात्री परेशान हो जाते हैं।

यात्रियों का कहना है कि जिस तरह एक्सप्रेस ट्रेनो में कुछ डिब्बे ए.सी., और कुछ नॉन ए.सी. दोनों जोडकर चलाया जाता है,ठीक उसी तरह लोकल ट्रेनो में भी किया जा सकता है। हर लोकल ट्रेन में 3 डिब्बे एसी के और 9 डिब्बे नॉन एसी के लगाये जाएं, तो दोनो ही क्लास वालों को हर 5 मिनट में ट्रेन उपलब्ध हो सकती है।

इससे भीड़ भी कम होगी। पिछली 1 जुलाई से मध्य रेल पर 12 नॉन एसी लोकल बंद कर एसी लोकल चलाई जा रही है। इससे भी आम यात्रियों की परेशानी बढ़ी है।

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