मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बैठक (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

महाराष्ट्र में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार: CM फडणवीस के निर्देश, 1.60 लाख पीएम आवासों को मंजूरी

Maharashtra Government News: CM देवेंद्र फडणवीस ने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश। राज्य में 1.60 लाख PMAY मकानों को मंजूरी, बनेगा सिंगल हाउसिंग पोर्टल।

रूपम सिंह

Maharashtra CM Devendra Fadnavis Review Meeting: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में विभिन्न हाउसिंग परियोजना के कामों में तेजी लाकर उन्हे निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को हिदायत दी है कि काम की गुणवत्ता व स्टैंडर्ड में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत राज्य में 1,60,463 घरों को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में पीएम आवास योजना (शहरी) और गृहनिर्माण विभाग के हाउसिंग स्टॉक को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। बैठक में गृहनिर्माण विभाग राज्य मंत्री पंकज भोयर और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एजेंसियां नियमों के अनुसार परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सावधानी बरतें।

पीएम आवास (शहरी) 2.0 के तहत यूडब्ल्यूपी वेब पोर्टल पर चल रहे लाभार्थी रजिस्ट्रेशन ड्राइव में 30 जुलाई तक राज्य में कुल 4,21,083 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इस योजना के तहत पूरे राज्य में कुल 1,60,463 घरों को मंजूर किया गया है।

राज्य में म्हाडा, सिडको, एमएमआरडीए, सिडको, एमएमआरडीए, बीएमसी और एसआरए के घरों के साथ केंद्र और राज्य सरकार की हाउसिंग स्कीम में खाली की सारी जानकारी एक ही पोर्टल पर इकट्ठा करके 'हाउसिंग स्टॉक' तैयार किया जा रहा है।

इसके जरिए दिव्यांगों, मिल मजदूरों, माथाडी कामगारों, डब्बावालों और ट्रांसजेंडर जैसी खास कैटेगरी के लोगों को घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस नीति के मुताबिक राज्य में विभिन्न अथॉरिटी के पास कुल 35,679 फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इसमें म्हाडा 15,291 सिडको 11,830, लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इंस्टीट्यूशंस 13,575 एसआरए के 2,281 फ्लैट शामिल हैं। शिवशाही रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न अथॉरिटीज को ट्रांजिट कैंप के तौर पर 3,945 फ्लैट अस्थाई तौर पर उपलब्ध कराए गए हैं।

इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

घर आवंटित करते समय, तीन मुख्य कैटेगरी को प्राथमिकता दी जाएगी। खतरनाक और पुरानी बिल्डिंग में रहने वालों के लिए ट्रांजिशनल फ्लैट, सरकारी प्रोजेक्ट में विस्थापित लोगों के लिए प्रोजेक्ट से प्रभावित फ्लैट, और सीआरजेड, पहाड़ों की ढलानों पर झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास के लिए स्थाई ट्रांजिशनल फ्लैट दिए जाएंगे। आपात या खास हालात में प्राइवेट डेवलपर्स को ट्रांजिशनल हाउसिंग और किराए के घर उपलब्ध कराए जाएंगे।

सबसे पहले, पीएमएवाई (शहरी) के नियमों के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को घर दिए जाएंगे, फिर संबंधित अथॉरिटी की लॉटरी और उसके बाद भी यदि घर बचते हैं तो श्पहले आओ, पहले पाओर के आधार पर घर दिए जाएंगे। इन सभी घरों के प्रबंधन, बिक्री और मेंटेनेंस के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाया जाएगा।

बड़े पैमाने पर फंड का आवंटन

बीएलसी कंपोनेंट के तहत केंद्र और राज्य द्वारा 675.45 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है। 100 करोड़ रुपये का फंड हाल ही में और 7 जुलाई को 448.69 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है। दूसरी किस्त के लिए 74.96 करोड़ रुपये का फंड आवंटन का ऑर्डर 24 जुलाई को जारी किया गया था।

लाभार्थियों के लिए काफी छूट

ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 5 ब्रास सैंड फ्री दिए जा रहे हैं। कैलकुलेशन फीस पर 50% डिस्काउंट और पहले बैच के लिए सिर्फ 1,000 रुपये स्टांप ड्यूटी ली जा रही है। सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं को 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।

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