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मुंबई

महाराष्ट्र बनेगा परमाणु ऊर्जा का बड़ा केंद्र: JSW टोरेंट पावर के साथ MoU, 79 हजार करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट

Maharashtra Government News: महाराष्ट्र सरकार ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी और टोरेंट पावर के साथ 4,200 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए 79 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

रूपम सिंह

Maharashtra Nuclear Energy: महाराष्ट्र देश के प्रमुख परमाणु ऊर्जा केंद्र के रूप में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

राज्य में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुल गया है। सरकार ने JSW Energy और Torrent Power के साथ दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

4,200 मेगावाट की होगी संयुक्त क्षमता

दोनों प्रस्तावित परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता 4,200 मेगावाट होगी। इन प्रोजेक्ट्स में करीब 79 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।

परियोजनाओं के जरिए लगभग 11,700 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

दापोली में JSW Energy का 2,800 MW प्लांट

JSW Energy का प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका के भिवबंदर में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल क्षमता 2,800 मेगावाट होगी।

संयंत्र में 700-700 मेगावाट की चार इकाइयां लगाने की योजना है। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है।

44 हजार करोड़ रुपये का निवेश

JSW Energy के प्रोजेक्ट में करीब 44 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाने का प्रस्ताव है। इससे करीब 8,000 से 10,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। परियोजना के विकास से रत्नागिरी क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

Torrent Power का 1,400 MW प्रोजेक्ट

दूसरी ओर, Torrent Power महाराष्ट्र में 1,400 मेगावाट क्षमता का परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसमें 700-700 मेगावाट की दो इकाइयां प्रस्तावित हैं। परियोजना के लिए करीब 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।

1,700 रोजगार के अवसर

Torrent Power की परियोजना से करीब 1,700 रोजगार पैदा होने की संभावना है। हालांकि, संयंत्र के लिए अंतिम स्थान का चयन अभी किया जाना है। इसके लिए रत्नागिरी या महाराष्ट्र राज्य में किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर विचार किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा निजी निवेश

दोनों परियोजनाओं को महाराष्ट्र के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़े निवेश और हजारों रोजगार के साथ इन प्रोजेक्ट्स से राज्य की दीर्घकालीन ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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