प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मनपा चुनाव से पहले ‘आया राम-गया राम’ का डर, टिकट ऐन वक्त देने की तैयारी

Maharashtra Local Body Election: मनपा चुनाव 2026 में दलबदल की आशंका को देखते हुए राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों की सूची अंतिम समय में जारी करने की रणनीति अपनाई है।

अपूर्वा नायक

Maharashtra Local Body Election: राज्य की 29 मनपाओं के चुनाव में 'आया राम, गया राम' की बयार भी बहने वाली है। इन आशंकाओं के बीच प्रमुख राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है।

दलबदलुओं की संभावनाओं के बीच सियासी दलों ने नया पैंतरा अपनाया है और चयनित उम्मीदवारों की सूची ऐन अंतिम समय में जारी करने का फैसला किया है। जब टिकट कटने वालों के सामने अन्यः दलों में शामिल होने का कोई विकल्प ही न बचे।

सत्ताधारी महायुति के घटक दल बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) में चुनाव लड़ने वालों की भरमार मची हुई है। हालांकि टिकट न मिलने की संभावनाओं के बीच कुछ चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता महाविकास आघाड़ी यानी विपक्षी दलों से भी आस लगाए बैठे हैं।

यदि सत्ताधारी पार्टी से टिकट नहीं मिला तो वे पाला बदलकर विपक्ष के टिकट पर मैदान में उतरने की मंशा रखते हैं। इधर विपक्षी दल भी पूरी तरह से सावधानी बरते हुए हैं। सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों में सत्ता पक्ष की तुलना में चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या कम है। सत्ता पक्ष के कई नेता विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं।

मनपा का चुनावी कार्यक्रम

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 23 से 30 दिसंबर तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे 31 दिसंबर को नामांकन पत्रो की जांच होगी और 2 जनवरी 2026 को नामाकन पत्र वापस लेने की तारीख है। 3 जनवरी 2026 को उम्मीदवारों की अतिभ सूची और चुनाव चिन्ह वितरित किए जाएंगे, वोटिंग 15 जनवरी और अगले दिन 16 जनवरी को मतगणना होगी।

महाविकास आघाड़ी में ऊहापोह, कांग्रेस ने किया किनारा

शिवसेना (ठाकरे गुट) और मनसे गठबंधन की संभावनाओं के बीच महाविकास आघाडी में ऊहापोह की स्थिति है। कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया है। सपा ने भी अपने दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

शरद पवार की एनसीपी अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई है। रविवार को वाईबी चव्हाण सभागृह में एनसीपी और मनसे नेताओं की बैठक होने वाली है। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। कुछ दलों ने इच्छुक उम्मीदवारों का साक्षात्कार शुरु कर दिया है। टिकट मिलने की आस कई नेता लगाए हुए हैं, यदि टिकट कटता है, तो नेता इधर से उधर जा सकते हैं। इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने - आया राम, गया राम की संभावनाओं के बीच टिकट देने की घोषणा अंतिम समय पर करने की योजना बनाई है, ताकि दलबदलुओं के सामने कोई विकल्प ही न बचे।

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