एकनाथ शिंदे, विजय वडेट्टीवार सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

शिंदे के साथ खिलवाड़ शुरू, वडेट्टीवार बोले-पीछा छुड़ाने पर तुली केसरिया पार्टी

Vijay Wadettiwar Statement: विधान परिषद नतीजों के बाद महायुति में तनाव बढ़ा। वडेट्टीवार ने दावा किया कि बीजेपी शिंदे से पीछा छुड़ा रही है, वहीं राज-उद्धव से फडणवीस की मुलाकात के बाद शिंदे गुट सतर्क।

रूपम सिंह

Highlights

  • विधान परिषद चुनाव के बाद बीजेपी और शिंदे गुट में तनाव बढ़ने के आरोप।

  • विजय वडेट्टीवार ने शिंदे को निशाना बनाने और फंड की फाइलें रोकने का दावा किया।

  • शिंदे ने नेताओं को बयानबाजी से बचने और विवाद सुलझाने के लिए बातचीत के निर्देश दिए।

Maharashtra Mahayuti Politics: विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। महायुति में बीजेपी और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में बढ़ते तनाव के बीच विधानसभा में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने नमक रगड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सुनियोजित तरीके से शिंदे को सताना शुरू किया है।

उनका दावा है कि असल में बीजेपी अब शिंदे से पीछा छुड़ाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर ली है और सहयोगी दल के कई नेता उनके संपर्क में हैं।

विधान परिषद की पुणे पदवीधर सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की हार के बाद सहयोगी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। चुनाव में उप मुख्यमंत्री शिंदे की शिवसेना की भूमिका से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी नाराज बताए जा रहे हैं। इसका परिणाम गुरुवार को तब देखने मिला जब सीएम देवेंद्र दादर में आयोजित एक कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ मंच साझा करते नजर आए।

कार्यक्रम से पहले सीएम देवेंद्र ने ठाकरे बंधुओं के साथ बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक गुप्त रूप से चर्चा भी की। इसके उपरांत कार्यक्रम में भी चुटकी लेने के बावजूद ठाकरे बंधुओं के साथ फडणवीस आत्मीयता से मिलते नजर आए, जिसकी वजह से अटकलों का बाजार गरम है।

सतर्क हुए शिंदे

गठबंधन में बढ़ते विवाद और राज उद्धव ठाकरे के साथ हुई सीएम देवेंद्र की आत्मीय मुलाकात की पृष्ठभूमि में अब शिवसेना नेतृत्व सतर्क हो गया है। डीसीएम शिंदे ने अपनी पार्टी के नेताओं और प्रवक्ताओं को सहयोगी दलों पर बयानबाजी से बचने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोस्ती में कुश्ती नहीं होनी चाहिए और विवाद को खत्म करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर बातचीत की जाएगी। शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने बीजेपी नेताओं से संयम बरतने को कहा है।

कलह के नाम पर हो रहा बड़ा खेला

पुणे स्नातक सीट पर एनसीपी (शरद पवार) की हर्षदा देशमुख ने बीजेपी की स्मिता जाधव को 9,928 वोटों से हराया था। इसके बाद बीजेपी और शिवसेना के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। महायुति की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि बीजेपी नीत सरकार में जानबूझकर शिंदे की शिवसेना के मंत्रियों, विधायकों के साथ चुनाव बाद राजनीति खेली जा रही है। दोनों दलों के बीच संवाद खत्म हो चुका है। वडेट्टीवार ने महायुति की तुलना झगड़ते हुए पति-पत्नी से की और कहा कि इस राजनीतिक लड़ाई का असर राज्य के विकास पर पड़ रहा है।

1 निधि आवंटन को लेकर बढ़ी नाराजगी

नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट से जुड़ी विकास कार्यों की निधि संबंधी फाइलें रोकी जा रही हैं। निधि आवंटन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच नाराजगी बढ़ रही है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे के विरोध में खड़े हो रहे हैं और उनके बीच बातचीत भी कम हो गई है।

2 फडणवीस ने मजबूत की राजनीतिक

स्थिति सरकार गिरने की चर्चाओं पर वडेट्टीवार ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर ली है। सहयोगी दलों के कुछ नेता भी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद आगामी राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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