

नागपुर में जलाशयों का स्तर घटने से 10% पानी कटौती की तैयारी।
जिले में औसत बारिश का सिर्फ 64% दर्ज हुआ।
रोजाना 740 एमएलडी आपूर्ति में से 259 एमएलडी पानी बर्बाद हो रहा है।
Nagpur Totladoh Dam Water Cut: महाराष्ट्र के नागपुर शहर पर जलसंकट का खतरा मंडराने लगा है। तोतलाडोह और कन्हान जलाशयों में लगातार घटते जलस्तर के कारण आने वाले दिनों में शहर की जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है। राज्य सरकार की ओर से पानी के वितरण में 10 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश दिए जाने के बाद नागपुर महानगरपालिका ने भी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, कटौती लागू करने को लेकर अंतिम फैसला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद लिया जाएगा।
इस मानसून सीजन में नागपुर जिले में औसत बारिश की केवल 64 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। कम बारिश और अल-नीनो के संभावित प्रभाव से राज्य के जलाशयों पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कुल उपलब्ध पानी का 10 प्रतिशत हिस्सा आपातकालीन परिस्थितियों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
नागपुर शहर को तोतलाडोह जलाशय और कन्हान नदी से प्रतिदिन लगभग 740 मिलियन लीटर (MLD) कच्चे पानी की आपूर्ति की जाती है। इस पानी को शुद्ध करने के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में वितरित किया जाता है। जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन के सामने उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने की चुनौती है।
जल वितरण के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में रोजाना करीब 259 MLD पानी बिना किसी राजस्व के बर्बाद हो जाता है। यह नुकसान पाइपलाइनों में रिसाव, पानी की चोरी, अवैध नल कनेक्शन और बिना बिलिंग के पानी की आपूर्ति जैसे कारणों से होता है। पानी की इतनी बड़ी बर्बादी रोकना महानगरपालिका के लिए बड़ी चुनौती है।
राज्य सरकार के निर्देशों के बाद महानगरपालिका ने संभावित जल कटौती को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक में जलाशयों की स्थिति और शहर की जरूरतों पर चर्चा होगी। इसके बाद ही 10 प्रतिशत कटौती लागू करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यदि कटौती लागू होती है, तो शहरवासियों को पानी का इस्तेमाल सावधानी से करना पड़ सकता है। ऐसे में जल संरक्षण और लीकेज रोकने के उपाय महत्वपूर्ण होंगे।