Maharashtra Launches Mahakhanij 2.0: महाराष्ट्र में गौण खनिजों के अवैध उत्खनन, चोरी और राजस्व गड़बड़ी पर अब तकनीक के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
राज्य के राजस्व विभाग ने गौण खनिजों के उत्खनन, परिवहन, परमिट और निगरानी की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने के लिए ‘महाखनिज 2.0’ प्रणाली तैयार की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली का लोकार्पण किया।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर विकसित ‘महाखनिज 2.0’ में आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
नई व्यवस्था को राजस्व प्रशासन में डिजिटल क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब तक गौण खनिजों के प्रबंधन में कागजी प्रक्रिया और मानवीय हस्तक्षेप की बड़ी भूमिका थी। इससे निगरानी और राजस्व वसूली में कई चुनौतियां सामने आती थीं।
‘महाखनिज’ प्रणाली के जरिए पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार के खजाने में करीब 16 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ है। अब ‘महाखनिज 2.0’ के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
राजस्व मंत्री के अनुसार नई प्रणाली में खनिज परिवहन परमिट पूरी तरह डिजिटल होगा। QR कोड और बारकोड आधारित DigiTP के जरिए परमिट जारी किए जाएंगे। इससे कागजी परमिट की आवश्यकता नहीं रहेगी। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की GPS, ANPR, GIS और Geofencing के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी होगी। वाहन निर्धारित मार्ग से हटते ही सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा।
अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए ड्रोन, LiDAR, Bathymetric Survey और Remote Sensing जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं AI और Video Analytics के जरिए निगरानी और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माने की राशि सिस्टम के माध्यम से स्वतः निर्धारित होगी। ऑनलाइन पंचनामा, नोटिस और जुर्माना वसूली से पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।
चंद्रशेखर बावनकुले ने यह भी कहा कि कोकण भवन में राज्यस्तरीय 24×7 नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहां से खनिज परमिट, वाहनों की आवाजाही और खनन क्षेत्रों की गतिविधियों की केंद्रीकृत निगरानी होगी। ‘महाखनिज 2.0’ को VAHAN, महाभूलेख, Land Records, DigiLocker, BPMS, CCTV और Weighbridge जैसी विभिन्न सरकारी प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।
नागरिकों और कारोबारियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए Grievance Redressal System और 24×7 कॉल सेंटर 08065070555 शुरू किया गया है। प्रत्येक जिलाधिकारी कार्यालय में Dedicated District Executive की नियुक्ति भी की जाएगी।
राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खारगे ने प्रणाली का प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर कोकण संभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल, सहसचिव मनीषा जयभाये, रेलटेल के प्रमुख विनोद अग्रवाल और कोकण सहआयुक्त रवींद्र पवार उपस्थित रहे। ‘महाखनिज 2.0’ के लागू होने से महाराष्ट्र में गौण खनिज प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाने की उम्मीद है।