Maharashtra Ink Attack Politics Updates: महाराष्ट्र में शनिवार को स्याही के डबल अटैक की घटनाएं हुईं। पहली घटना पुणे के आलंदी में घटी जहां वारकारियों ने राकांपा (शरद पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे को कालिख पोती।
दूसरी घटना जालाना की है, जहां मनसे कार्यकर्ताओं ने वकील गुणरत्न सदावर्ते की गाड़ी को घेर लिया और स्याही फेंकी। इन घटनाओं को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। राकांपा (एसपी) के प्रवक्ता विकास लवांडे तहसील हवेली के आलंदी मातोबाची में कुछ वारकरियों ने घेर कर काली स्याही फेंकी।
लवांडे ने आरोप लगाया कि वे प्रवचन देकर वापस लौट रहे थे। इसी बीच कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उनके 10 से 15 गुंडे गौरक्षकों ने उनकी कार रोकी, उन पर स्याही फेंकी और धक्का देने के बाद उन्हें पिस्तौल दिखाई।
इस बीच लवांडे लोनी कालभोर पुलिस स्टेशन पहुंचे। वे पुलिस स्टेशन के सामने सत्याग्रह पर बैठ गए। उन्होंने मांग की कि जब तक भंडारे और उनके साथियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वे अनशन पर बैठे रहेंगे, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
लवांडे पर स्याही फेंकने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भंडारे और उनके साथियों की लवांडे से बहस होती दिख रही है। इसके बाद भंडारे सहित 4 से 5 लोग लवांडे पर बोतल से स्याही फेंकते नजर आ रहे हैं। भंडारे ने सफाई दी है कि विकास लवांडे ने उन लोगों का नाम खराब करने की कोशिश की जिन्हें हम अपना गुरुवर्य मानते हैं। लवांडे ने उन्हें घुसपैठिया कहा, इसीलिए उन पर स्याही फेंकी गई। भंडारे ने लवांडे के उस दावे को गलत बताया कि उनके पास पिस्तौल थी। यदि उनके पास पिस्तौल होती, तो क्या वह स्याही फेंकते ? लवांडे झूठे आरोप लगाकर गलत बातें फैला रहे हैं।
मंत्री नितेश राणे और विधायक संग्राम जगताप ने संग्राम भंडारे का समर्थन किया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता दीपक केसरकर ने स्याही फेंकने की घटना को गलत करार दिया है।
जालना शहर के दौरे पर पहुंचे गुणरत्न सदावर्ते की कार को विशाल कॉर्नर इलाके में मनसे कार्यकर्ताओं ने निशाना बनाया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने उनकी कार पर स्याही और सुपारी फेंकी। यह घटना उस समय हुई जब उनकी पत्नी और दो बेटियां कार में थीं। इस मामले में मनसे के जालना शहर के प्रमुख राहुल रत्नपारखे समेत कुछ पदाधिकारी शामिल है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने मनसे के पाच से 6 पदाधिकारियों को हिरासत में लिया है। कुछ दिन पहले सदावर्ते ने ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी बनाम गैर-मराठी मुद्दे को लेकर राज ठाकरे की आलोचना की थी। उसके बाद मनसे कार्यकर्ता नाराज है।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विकास लवंडे पर स्याही फेंकना, मारपीट करना और गाली-गलौज करना एक कायरतापूर्ण हमला है। हमलावर वारकरी समुदाय की विचारधारा को नहीं मानते हैं।
इस मामले को बीजेपी भड़का रही है और बीजेपी सरकार हमलावरों को बचा रही है। इन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता आंबादास दानवे और सुषमा अंधारे ने भी इस घटना की आलोचना की है।
राकांपा (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि लवांडे वारकरी संप्रदाय में घुसे कट्टरपंथियों के खिलाफ सबूतों के साथ आवाज उठा रहे है। भंडारे ने उन पर कायरतापूर्ण हमला किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
लवांडे को तुरंत पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए, नहीं तो हम इस हमले को सरकार के आशीर्वाद से किया गया हमला मानेंगे। यदि भविष्य में लवांडे को कुछ होता है, तो इसके लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार होगी।