प्रतीकात्मक (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

हाईवे पर भारी वाहनों की अब खैर नहीं! मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिए सख्त जांच और फिटनेस ऑडिट के आदेश

Road Safety Campaign: महाराष्ट्र में बढ़ते हाईवे हादसों पर मंत्री प्रताप सरनाईक सख्त। भारी और मालवाही वाहनों के लिए ट्रांसपेरेंट इंस्पेक्शन अभियान चलाने, ब्लैक स्पॉट पर खास कदम उठाने के निर्देश दिए।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Heavy Vehicle Inspection Drive: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग आदि हाइवे पर भारी वाहनों की वजह से हो रहे भयानक हादसों को देखते हुए, मंत्री प्रताप सरनाईक ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को पूरे राज्य में बड़ी व मालवाही गाड़ियों का तत्काल ट्रांसपेरेंट इंस्पेक्शन कैंपेन चलाने का सख्त आदेश दिया है।

हादसों से घंटों ट्रैफिक जाम

राज्य के महामार्गों पर बड़े वाहनों के पलटने से होने वाले हादसों की वजह से घंटों ट्रैफिक जाम हो जाता है। पिछले सप्ताह मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे पर टैंकर पलटने से 36 घंटे से ज्यादा समय तक ट्रैफिक जाम रहा। इसी तरह मुंबई नासिक, मुंबई अहमदाबाद एक्सप्रेस वे तथा समृद्धि पर भारी वाहनों,केमिकल टैंकरों के पलटने की घटनाएं बढ़ी हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सहित राज्य के अन्य हाइवे पर ट्रैफिक जाम और रोड सेफ्टी को लेकर में एक हाई-लेवल मीटिंग में प्रताप सरनाईक ने कहा कि कहीं न कहीं बडी गड़बड़ी हो रही है।

पेश होगी रिपोर्ट

परिवहन मंत्री सरनाईक ने निर्देश दिया कि हाईवे पर एक्सीडेंट रोकने के लिए दूरगामी उपायों पर एक रिपोर्ट बजट सेशन के दौरान पेश की जाए। प्रथम दृष्टया इंस्पेक्शन रिपोर्ट से यह साफ़ होता है कि हादसे ड्राइवर की लापरवाही और तेज़ स्पीड में ओवरटेक करने की कोशिश में गाड़ी पर कंट्रोल खोने की वजह से होते हैं। कई स्थानों पर भारी वाहन अपना लेन छोड़ कर चलते हैं।

मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य भर में सभी मालवाही वाहनों का टेक्निकल इंस्पेक्शन सख्ती और ट्रांसपेरेंट तरीके से किया जाना चाहिए, और फॉर्म 138A के तहत जारी होने वाले गाड़ी के फिटनेस सर्टिफिकेट प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी लाने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए। जैसा कि देखा गया कि कुछ रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस तय सीमा से ज़्यादा सर्टिफिकेट जारी कर रहे थे। मंत्री सरनाईक ने तुरंत मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा है।

ब्लैक स्पॉट की पहचान

सरनाईक के अनुसार राज्य में हाईवे पर कुछ एक्सीडेंट वाली जगहों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान की गई है। ड्राइवरों को इसके बारे में जानकारी देने, उन इलाकों में जाने से पहले काउंसलिंग और निर्देश देने, और पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को मिलकर पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाने के उपाय तुरंत लागू करने होंगे । परिवहन मंत्री ने संबंधित डिपार्टमेंट को आने वाले बजट सेशन से पहले हाईवे एक्सीडेंट रोकने के उपायों पर एक डिटेल्ड रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया।

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