Maharashtra Heavy Rain Girish Mahajan Statement: महाराष्ट्र में 1 जून से 8 जुलाई के बीच हुई अतिवृष्टि और उससे जुड़ी घटनाओं में 64 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मृतकों के परिजनों को निर्धारित मानकों के अनुसार 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
यह जानकारी राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने विधानसभा में दी। उन्होंने कहा कि 'मिसिंग लिंक' परियोजना के 7,000 करोड़ रुपये पानी में बह जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन इस परियोजना को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से ऐसे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।
अतिवृष्टि पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महाजन ने कहा कि इस बार कई स्थानों पर कुछ ही दिनों में पूरे महीने जितनी बारिश हो गई। इसके कारण अनेक शहरों में सड़कें बंद हो गईं, घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को 15 दिनों के लिए पर्याप्त राशन किट उपलब्ध कराए गए हैं। पालघर जिले में 1,000 लोगों को राहत सामग्री वितरित की गई है।
वहीं 7 जिलों को राहत कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये का विशेष निधि आवंटित किया गया है। महाजन ने बताया कि वसई-विरार में बाढ़ के कारण बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित हैं।
महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
खासतौर पर घाट क्षेत्रों, कोंकण और उत्तर महाराष्ट्र के जिलों में नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की गई है। इस साल मानसून के देर से सक्रिय होने के बाद 1 जुलाई से बारिश ने जोरदार वापसी की है। कई इलाकों में केवल 6 दिनों के भीतर जून महीने के औसत के बराबर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी है, कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
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रायगड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पनवेल तहसील स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में बड़ा हादसा हो गया, बाढ़ के तेज बहाव में करीब 3,000 एलपीजी गैस सिलेंडर नदी में बह गए।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों में चिता का माहौल है। पिछले कुछ दिनों से रायगड़ जिले में लगातार भारी बारिश हो रही है जिससे नदियां उफान पर हैं। इसी दौरान पनवेल के चावणे एमआईडीसी स्थित एचपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट में रखा भरे और खाली सिलेंडरों का बड़ा स्टाक बाढ़ की चपेट में आ गया।