Gram Panchayat Elections Reservation Lottery: महाराष्ट्र में ग्रामीण लोकतंत्र का सबसे बड़ा महासंग्राम शुरू होने जा रहा है। राज्य की 14,237 ग्रामपंचायतों के चुनावों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है और इस बार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा सख्ती से लागू की जाएगी। इसके तहत जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच कार्यकाल समाप्त होने वाली तथा नवगठित ग्रामपंचायतों को मिलाकर कुल 14,237 ग्रामपंचायतों में सार्वत्रिक चुनाव होने हैं।
विभागवार देखें तो छत्रपती संभाजीनगर विभाग में सर्वाधिक 4,134, पुणे में 2,870, नाशिक में 2,476, अमरावती में 2,451, नागपूर में 1,508 और कोकण विभाग में 798 ग्रामपंचायतों के चुनाव होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहां भी कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो रहा है, वहां ओबीसी (नागरिकों के पिछड़ा वर्ग) की सीटों में जरूरी कटौती की जाए। इस नई व्यवस्था के कारण फरवरी 2026 में घोषित और 4 मई को अंतिम रूप दिए जाने वाले प्रभाग रचना के कार्यक्रम को रद्द कर पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी पड़ी।
ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए सदस्य संख्या के अनुसार सीटें तय की गई हैं। 7 सदस्यीय ग्रामपंचायत में केवल 1 सीट, 9 और 11 सदस्यीय में 2 सीटें, 13 सदस्यीय में 3 सीटें और 17 सदस्यीय ग्रामपंचायत में 4 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित रहेंगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 50 प्रतिशत कुल आरक्षण और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की सीमा तय करते समय भिन्नांक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
12 जून को आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद 19 जून को प्रभागवार आरक्षण का प्रारूप प्रकाशित होगा। 19 से 25 जून के बीच आपत्तियां और सुझाव दर्ज किए जा सकेंगे। 3 जुलाई को उपविभागीय अधिकारी प्राप्त आपत्तियों पर अपनी राय देंगे और 8 जुलाई को जिलाधिकारी उस राय को ध्यान में रखते हुए अंतिम अधिसूचना को मंजूरी देंगे। 10 जुलाई को जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृत अंतिम प्रभाग रचना सार्वजनिक की जाएगी।
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विधान परिषद स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के बाद अब ग्रामपंचायत, जिला परिषद, पंचायत समिति और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के चुनावों का माहौल तैयार होता दिख रहा है। आने वाले कुछ हफ्तों में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना के साथ ग्रामीण महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर रंग पकड़ने वाली है।