Maharashtra Slum Act Audit: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य झुग्गी क्षेत्र सुधार, निर्मूलन व पुनर्विकास अधिनियम, 1971 के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा कराने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने अधिनियम का मेगा परफॉर्मेंस ऑडिट कराने के लिए 11 सदस्यीय हाई-लेवल
विशेषज्ञ समिति गठित की है। समिति कानून के क्रियान्वयन, झुग्गी पुनर्विकास परियोजनाओं में आ रही बाधाओं, बढ़ते न्यायिक विवादों और सुधार की जरूरतों का अध्ययन कर 10 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
गृहनिर्माण विभाग द्वारा जारी जीआर के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने यश डेवलपर्स बनाम हरिहर कृपा सहकारी गृहनिर्माण संस्था मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि महाराष्ट्र झुग्गी क्षेत्र सुधार, निर्मूलन व पुनर्विकास अधिनियम, 1971 से जुड़े बड़ी संख्या में विवाद न्यायालयों तक पहुंच रहे हैं। इसी कारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और उसकी उपयोगिता का परफॉर्मेंस ऑडिट आवश्यक माना गया।
इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुमोटो रिट याचिका क्रमांक 01/2024 दर्ज की और विभिन्न हितधारकों, विकासकों, भूमि मालिकों, सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं व विधि विशेषज्ञों के सुझावों पर विचार करते हुए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए।
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राज्य सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता गृहनिर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। समिति में नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, विधायक पराग अलवणी, पूर्व सांसद राहुल शेवाले, बीएमसी और पुणे मनपा के वरिष्ठ अभियंता, नगर रचना विभाग के संचालक, वास्तु विशेषज्ञ व एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित कुल 11 सदस्य शामिल किए गए हैं।