Mumbai Women's Land Rights 7/12 Extract: मुंबई में फडणवीस सरकार ग्रामीण महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए विधानमंडल के मानसून सत्र में एक बिल लाएगी। जिसके तहत महाराष्ट्र में पहली बार कृषि भूमि पर पुरुषों की तरह महिलाओं का भी नाम शामिल होगा। इसके सरकार मॉनसून सत्र में विधानमंडल में विधेयक पेश करेगी। सरकार की योजना है कि 7/12 पर महिलाओं का नाम होने से जमीन के स्वामित्व में दोनों की भागीदारी बराबर होगी। इससे कृषि की जमीन बेचते समय पुरुष पूरी खेती अकेले नहीं बेच सकेगा। यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने तैयार किया है।
एक अधिकारी ने बताया कि बिल का मसौदा तैयार कर लिया गया है, इसमें महिला किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जरूरी नियम बनाए गए हैं। यह बिल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने पेश किया जाएगा। बिल के बारे में वर्षा बंगले पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस बिल के बारे में विस्तार में जानकारी दी थी।
उन्होंने भरोसा जताया था कि ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होगी। महिला किसानों को आसान और सुविधाजनक लोन देने की कोशिश की जाएगी। अभी महिलाओं को किसान के तौर पर पहचान नहीं मिली है।
उन्हें लोन दिलाने की कोशिश की जाएगी। खेती के आंकड़ों में पुरुष और महिला किसानों का अलग-अलग रेकॉर्ड रखा जाएगा। कृषि विभाग की सभी योजनाओं में महिलाओं को कम से कम 30 प्रतिशत का फायदा दिया जाएगा।
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जमीन के स्वामित्व की प्रमाणिकता देखने के लिए 7 / 12 का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही कृषि ऋण से माफी, जमीन की खरीद-बिक्री आदि की जानकारी सात बारा में होती है।