मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

अवैध घुसपैठियों का दाना-पानी होगा बंद! महाराष्ट्र सरकार ने उठाया सख्त कदम, नियमों में किया बदलाव

Maharashtra Government ने अवैध बांग्लादेशी प्रवास रोकने के लिए नया जीआर जारी किया। फर्जी दस्तावेज धारकों को सरकारी योजनाओं से वंचित किया जाएगा, एटीएस करेगी निगरानी और ब्लैकलिस्ट तैयार होगी।

आकाश मसने

Maharashtra Government GR Regarding Bangladeshi Infiltrators: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ते अवैध बांग्लादेशी प्रवास को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक नया सरकारी परिपत्र (GR) जारी किया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश की खराब आर्थिक स्थिति के चलते, रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में लोग अवैध रूप से भारत, विशेषकर महाराष्ट्र में प्रवेश कर रहे हैं। ये प्रवासी राज्य की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर रहे हैं, जिसके कारण सरकारी योजनाओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बढ़ रहा है और राज्य की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती

परिपत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि यह स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। इसलिए, ऐसे अवैध प्रवासियों को राज्य की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय 9 जून 2025 को आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) की बैठक के बाद लिया गया। परिपत्र में 29 जून 2013 के पुराने सरकारी संकल्प और 2025 के अन्य संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नई दिशानिर्देश तय किए गए हैं।

क्या है नए GR में?

नए निर्देशों के अनुसार, अवैध प्रवासियों की एक ब्लैकलिस्ट बनाई जाएगी ताकि वे किसी भी सरकारी योजना का लाभ न उठा सकें। इसके साथ ही, एटीएस द्वारा पहचाने गए 1,274 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के नाम पर जारी किसी भी सरकारी दस्तावेज की जांच की जाएगी। यदि ऐसे दस्तावेज मिलते हैं, तो उन्हें तुरंत रद्द, निलंबित या निष्क्रिय करने का आदेश दिया गया है।

परिपत्र में मुख्य निर्देश यह भी है कि सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को अवैध बांग्लादेशी प्रवास पर नियमित विचार-विमर्श सत्र आयोजित करने और एटीएस को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नए अवैध प्रवासियों की सूची विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी, ताकि सभी क्षेत्रीय और मंडल कार्यालय सतर्क रह सकें।

यदि कोई दस्तावेज किसी स्थानीय प्रतिनिधि की अनुशंसा पर जारी किया गया है, तो आवेदक के निवास स्थान का सख्त सत्यापन किया जाएगा। सरकार ने सभी विभागों को इस प्रक्रिया को कड़ाई से लागू करने के आदेश दिए हैं, और इस परिपत्र की तिमाही प्रगति रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। यह परिपत्र महाराष्ट्र के राज्यपाल के निर्देशानुसार जारी किया गया है और यह महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट मार्च का ऐलान, इससे पहले CJI ने मुलाकात से किया इनकार

Delhi CJP Protest: CEC के खिलाफ फिर जुटे प्रदर्शनकारी, कनॉट प्लेस से किए गए डिटेन

कानून का पालन नहीं करती CJP, दिल्ली पुलिस ने बताया क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?

दिल्ली पुलिस के दावे पर दिपके का पलटवार; बोले- कोई बॉन्ड नहीं भरा, कहा CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगी जंग

दादी के निधन पर फोन देने से इनकार! अभिजीत दिपके ने नागपुर एयरपोर्ट पहुंच खोला दिल्ली पुलिस का कच्चा चिट्ठा