Maharashtra Fuel Hoarding Alert Update: मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को ईंधन की जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ईंधन की कमी के कारण तनाव की स्थिति बनी है, लेकिन यह समस्या पूरे राज्य में नहीं है।
सरकार का प्रयास है कि पेट्रोल और विशेष रूप से डीजल का वितरण जरूरत के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी को भी ईंधन की जमाखोरी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी जिलाधिकारियों को इस पर सख्ती से नजर रखने के लिए कहा गया है।
डीजल का उपयोग बड़े पैमाने पर कृषि कार्यों में हो रहा है, इसलिए इसके वितरण की बेहतर योजना बनाना आवश्यक है। फडणवीस ने यह भी कहा कि सरकार ने 'अल नीनो' मौसमीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले से ही एक व्यापक योजना तैयार कर ली है।
अल नीनो के कारण कहीं अधिक और कहीं कम बारिश की संभावना हो सकती है, जिसके लिए राज्य सतर्क है। मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित 'इमैजिन नेक्स्ट-2026' कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने एआई को लेकर भी अपनी बात रखी। एआई की लहर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसका उपयोग करके सामाजिक और आर्थिक विकास को तेज किया जा सकता है।
केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन के तहत और राज्य स्तर पर भी इसी दिशा में काम किया जा रहा है। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और यदि यह विकास दर अगले 2-3 वर्षों तक बनी रहती है, तो राज्य सिंगापुर और यूएई जैसे देशों को पीछे छोड़ सकता है।
मोहोलक्षेत्र में खरीफ सीजन से पहले ही किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रैक्टर से होने वाली खेती-बाड़ी और जुताई के खर्च में लगभग 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। इसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। जिले में पहले ही कई चीनी मिलों द्वारा गन्ने की एफआरपी का भुगतान समय पर नहीं किया गया है। ऐसे में बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उत्पादन लागत बढ़ने और फसलों का सही दाम न मिलने के कारण किसानों के सामने खरीफ बुवाई कैसे करें, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मोहोल तहसील में फिलहाल बुवाई से पहले खेतों की तैयारी, जुताई और रोटावेटर जैसे काम तेजी से चल रहे है। लेकिन भीषण गर्मी के कारण खेतों में मजदूर मिलना मुश्किल हो गया है।
पश्चिम एशिया में संकट के कारण ईंधन आपूर्ति में बाधा की आशंका से लोगों द्वारा घबराहट में की गई खरीदारी के चलते महाराष्ट्र में मई महीने के पहले पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
महाराष्ट्र में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, यह मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया। उन्होंने अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें तथा डर के कारण अतिरिक्त ईंधन खरीदकर भंडारण से बचें। मई 2026 के पहले पखवाड़े में राज्य में डीजल की बिक्री में 19।66% और पेट्रोल की बिक्री में 20।39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इधर नंदुरबार जिला परिषद ने ईंधन बचत के लिए पहल करते हुए हर सोमवार को 'नो व्हीकल डे घोषित किया है। इसके तहत अधिकारी और कर्मचारी साइकिल या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करेंगे। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इंधन की अवैध जमाखोरी पर रोक लगा दी है। अब बोतल या ड्रम में पेट्रोल-डीजल बेचने पर प्रतिबंध रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।