Highlights
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त 304 तालुकों के किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता मिलनी शुरू हो गई है।
सरकार ने करीब 1.5 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कुल ₹7,500 करोड़ मंजूर किए हैं।
इस राहत राशि के वितरण की शुरुआत सबसे पहले सोलापुर के तांदलवाडी गांव से हुई है।
Maharashtra Farmers 5000 Rupees Payment Latest Update: महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2026 में सूखे से प्रभावित 304 तालुकों के पात्र किसानों को ₹5,000 की अग्रिम आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस योजना के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने करीब 1.5 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कुल ₹7,500 करोड़ के खर्च को मंजूरी दी है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जा रही है।
इस सहायता का वितरण सबसे पहले सोलापुर जिले के बार्शी तालुका के तांदलवाडी गांव में प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया। यहां 10 किसानों के खातों में राशि जमा होने के संदेश मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अन्य सूखाग्रस्त तालुकों में भी लाभार्थियों की जानकारी का सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, सभी जिलों में एक साथ भुगतान नहीं हो रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 304 घोषित सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र किसानों को प्रति किसान ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने का फैसला किया है। इस योजना के लिए लगभग 1.5 करोड़ किसानों को संभावित लाभार्थी माना गया है।
इसके लिए कुल ₹7,500 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। इसमें ₹2,000 करोड़ आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास विभाग के बजटीय प्रावधान से तथा ₹5,500 करोड़ अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ₹5,000 की राशि अंतिम फसल नुकसान मुआवजा नहीं, बल्कि किसानों को तत्काल राहत देने के लिए दी जा रही अग्रिम सहायता है। फसल और क्षेत्र के हिसाब से अंतिम सहायता का निर्धारण अलग से किया जाएगा।
सरकारी निर्णय के अनुसार, इस सहायता के लिए मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
किसान का खेत महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित 304 सूखाग्रस्त तालुकों में होना चाहिए।
खरीफ सीजन 2026 में फसल का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक दर्ज होना चाहिए।
लाभार्थी किसान का नाम सरकारी रिकॉर्ड और संबंधित फसल नुकसान के सर्वे में दर्ज होना चाहिए।
सहायता राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी।
यह राशि प्रति पात्र किसान के आधार पर निर्धारित की गई है, न कि प्रति परिवार। हालांकि, संयुक्त खातेदारी या एक ही जमीन पर कई खातेदार होने की स्थिति में भुगतान का तरीका संबंधित प्रशासन से स्पष्ट करना चाहिए।
इस मामले में किसानों को एक महत्वपूर्ण अपडेट जानना चाहिए। 27 अक्टूबर के शुरुआती शासन निर्णय में कुछ श्रेणियों को सहायता से बाहर रखा गया था। इनमें आयकरदाता, कुछ सरकारी कर्मचारी, ₹25,000 से अधिक वेतन या पेंशन पाने वाले और जनप्रतिनिधि शामिल थे।
हालांकि, 28 अक्टूबर के संशोधित शासन निर्णय में पहले वाली अपात्रता संबंधी शर्तों को हटा दिया गया। इसलिए अब केवल उन पुरानी शर्तों के आधार पर किसी किसान को अपात्र नहीं माना जाना चाहिए। फसल नुकसान और अन्य लागू पात्रता मानकों के आधार पर लाभार्थियों का निर्धारण होगा।
नहीं, कुछ विशेष मामलों में Farmer ID के बिना भी सहायता मिल सकती है। शासन निर्णय में वनपट्टाधारक किसानों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिन वनपट्टाधारक किसानों को अभी तक AgriStack Farmer ID नहीं मिला है, उन्हें e-KYC के आधार पर अग्रिम सहायता देने का प्रावधान है।
इसके अलावा, जिन किसानों ने 1 नवंबर 2025 से 28 अक्टूबर 2026 तक किसी सरकारी योजना के तहत e-KYC पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा e-KYC कराने की आवश्यकता नहीं है।
जिन पात्र किसानों की e-KYC अधूरी है, उन्हें संबंधित राजस्व या कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी लेनी चाहिए।
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| क्या सभी किसानों को ₹5,000 मिलेंगे? | नहीं, केवल पात्र किसानों को। |
| क्या सभी जिलों में पैसे आ गए हैं? | नहीं, भुगतान चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। |
| क्या अलग से आवेदन करना होगा? | अलग आवेदन की जरूरत नहीं बताई गई है। |
| Farmer ID नहीं है तो क्या करें? | अपनी पात्रता और e-KYC की स्थिति तहसील कार्यालय में जांचें। |
| पैसे नहीं आए तो कहां संपर्क करें? | तलाठी, कृषि सहायक या तहसील कार्यालय। |
| क्या बैंक पुराने कर्ज के लिए पैसे काट सकता है? | शासन के निर्देशानुसार सहायता राशि कर्ज वसूली में समायोजित नहीं की जानी चाहिए। |
इस अग्रिम सहायता के लिए किसानों को अलग से कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं बताई गई है। सरकार उपलब्ध किसान रिकॉर्ड, AgriStack Farmer ID, e-KYC और फसल नुकसान के सर्वे के आधार पर लाभार्थियों की जानकारी तैयार कर रही है।
किसान अपने गांव के पटवारी, कृषि सहायक या तहसील कार्यालय में संपर्क करके लाभार्थी सूची में अपना नाम और रिकॉर्ड की स्थिति पता कर सकते हैं। भुगतान पूरा होने के बाद लाभार्थियों की सूची और सहायता राशि का विवरण जिला प्रशासन की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाना है।
सरकारी निर्णय में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्राकृतिक आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि को बैंक पुराने कर्ज या किसी अन्य वसूली के लिए किसान के खाते से न काटें और न ही कर्ज खाते में स्थानांतरित करें।
इस निर्देश की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों को दी गई है। यदि किसी किसान की सहायता राशि बैंक द्वारा कर्ज के लिए काटी जाती है या रोकी जाती है, तो वह बैंक शाखा में लिखित शिकायत देकर इसकी जानकारी तहसीलदार या जिलाधिकारी कार्यालय को दे सकता है।
बैंक खाते में राशि जमा हुई है या नहीं, यह पासबुक, बैंक SMS या मोबाइल बैंकिंग से जांचें।
Farmer ID और e-KYC की स्थिति संबंधित कार्यालय से पता करें।
लाभार्थी सूची में नाम की पुष्टि तलाठी, कृषि सहायक या तहसील कार्यालय से करें।
WhatsApp पर मिलने वाली अनधिकृत लाभार्थी सूची पर भरोसा न करें।
पैसे दिलाने के नाम पर किसी को OTP, ATM PIN या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
इस सहायता के लिए किसी एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र सरकार ने 304 सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बार्शी तालुका के तांदलवाडी गांव में शुरुआती भुगतान की जानकारी सामने आई है। बाकी किसानों को लाभार्थी रिकॉर्ड, फसल नुकसान के सत्यापन और DBT प्रक्रिया के अनुसार चरणबद्ध तरीके से राशि मिलेगी।