Maharashtra Cooperative Housing Society Redevelopment Rules: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की सहकारी गृह निर्माण सोसायटियों में पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) की प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 30 सितंबर, 2026 को नया संशोधित आदेश जारी किया है। पूर्व में लागू 2019 के नियमों में बदलाव करते हुए सरकार ने अब पुनर्विकास की शुरुआत करने और बिल्डर का चुनाव करने जैसे हर अहम कदम पर कम से कम 51 प्रतिशत सदस्यों की मंजूरी अनिवार्य कर दी है।
इस ऐतिहासिक फैसले से सोसायटियों में प्रबंध समिति की मनमानी खत्म होगी और पुनर्विकास के नाम पर बिल्डरों व समितियों की धोखाधड़ी का शिकार होने वाले आम नागरिकों को सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा।
अक्सर पुनर्विकास के प्रोजेक्ट सालों तक लटके रहते हैं। नए नियमों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने के बाद 2 साल (विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 3 साल) के भीतर काम पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे आम लोगों को
किराए और आवास की पक्की व्यवस्थाः प्रोजेक्ट पूरा होने तक बिल्डर को सदस्यों को उसी इलाके में वैकल्पिक आवास देना होगा या सदस्यों द्वारा मंजूर किया गया मासिक किराया और डिपॉजिट देना होगा।
भ्रष्टाचार पर लगामः सोसायटी की प्रबंध समिति का कोई भी सदस्य या उनका रिश्तेदार पुनर्विकास का बिल्डर नहीं बन सकता है।
इसके अलावा टेंडर, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और बैठकों की वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी सभी जानकारियां सदस्यों को मुफ्त देखने को मिलेंगी। नए बने घर बांटने के लिए 14 दिन की नोटिस देकर विशेष बैठक बुलाई जाएगी। फ्लैट्स का आवंटन मंजिलों के क्रम से या पारदर्शी लॉटरी प्रणाली द्वारा किया जाएगा, जिससे किसी भी सदस्य के साथ भेदभाव नहीं होगा।
मुंबई पुनर्विकास के बाद नए फ्लैट खरीदने वालों को 3 महीने के भीतर सोसायटी की सदस्यता और शेयर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आर्किटेक्ट या प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट का चयन आम सभा में होगा और वह दो महीने में प्रोजेक्ट रिपोर्ट देगा। अखबारों में नोटिस देकर निविदाएं बुलाई जाएंगी और कम से कम तीन निविदाएं जरूरी होंगी, सभी निविदाएं सभा में सबके सामने खोली जाएंगी।
नए नियमों के अनुसार, पुनर्विकास का प्राथमिक निर्णय या बिल्डर का चयन केवल नियमानुसार चुनी हुई प्रबंध समिति ही कर सकती है, सरकारी प्रशासक को यह अधिकार नहीं होगा। बिल्डर का चयन सरकारी प्रतिनिधि की मौजूदगी में होने वाली विशेष साधारण सभा में ही किया जाएगा।
इस बैठक के लिए 2/3 सदस्यों का कोरम आवश्यक रहेगा। 1/5 सदस्यों की लिखित मांग पर गुप्त मतदान की व्यवस्था भी की जाएगी। विदेश या बीमारी के कारण अनुपस्थित सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकते हैं, लेकिन कम से कम 51 प्रतिशत सदस्यों का प्रत्यक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है,
यदि प्रबंध समिति का कोई पदाधिकारी या सदस्य पुनर्विकास की प्रक्रिया में सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करता है, जानकारी छिपाता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 79ए (3) और 78ए के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कम से कम तीन निविदाएं, सभी सबके सामने खुलेगी।
बिल्डर चयन में रजिस्ट्रार का प्रतिनिधि और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य।
प्रोजेक्ट दो साल में पूरा, अपवाद में तीन साल।