Mumbai Illegal Immigrants Action: मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) सहित महाराष्ट्र में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों का मुद्दा दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। शनिवार को राज्य विधान परिषद में विधायकों द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब ने कहा कि मुंबई और आसपास के उपनगरों में चल रहे डांस बारों में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी लड़कियों का उपयोग हो रहा है। परब ने यह भी आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और पुलिस अधिकारियों का रेट कार्ड तय है।
प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा गया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सब्जी और मछली बेचने से लेकर दूध वितरण जैसे पारंपरिक कामों पर कब्जा कर लिया है। विधायक निरंजन डावखरे ने कहा कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। उन्होंने मांग की कि जिस तरह मुंबई में कार्रवाई शुरू की गई है, उसी तरह ठाणे, पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों में भी कॉम्बिंग अभियान चलाया जाए।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में बताया कि मुंबई के हर पुलिस स्टेशन पर पांच पुलिसकर्मियों को शहर में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम इस मुद्दे पर काम कर रही है।
गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि वर्ष 2021 में 109 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,376 हो गई है। मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि मुंबई में अवैध रूप से रहने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एटीएस और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय है।
चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि कुछ बांग्लादेशी और रोहिंग्या अपनी पहचान छिपाने के लिए राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में रहकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। विधायक निरंजन डावखरे ने पूरे राज्य के लिए टास्क फोर्स गठित कर व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने की मांग की।