महाराष्ट्र सरकार सख्त, महा-रेरा बकाया वसूली 34% से अधिक करने का लक्ष्य

Maharashtra Government ने महा-रेरा के तहत बकाया वसूली तेज करने का निर्णय लिया है। मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि वसूली दर 34% से अधिक की जाएगी।
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महारेरा (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Maha RERE Recovery Drive: महाराष्ट्र सरकार ने घर खरीदारों को न्याय दिलाने के लिए महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (महा-रेरा) के तहत बकाया राशि की वसूली में सख्ती बरतने का फैसला किया है।

विधानसभा में जानकारी देते हुए मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि वसूली की दर को 34 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाया जाएगा। विधानसभा सदस्य अतुल भातखलकर ने प्रश्न उठाया था कि महा-रेरा द्वारा घर खरीदारों के मुआवजे के लिए जारी आदेशों का कई मामलों में पालन नहीं हो रहा है। इस पर जवाब देते हुए मंत्री देसाई ने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ समीक्षा बैठक कर वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने और सख्त नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के अनुरूप महाराष्ट्र सरकार ने भी सभी जिलाधिकारियों को बकाया वसूली के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

मुंबई-पालघर और कोल्हापुर पर विशेष नजर

सरकार ने उन जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है, जहां वसूली की दर कम है। खास तौर पर मुंबई-पालघर और कोल्हापुर जिलों में लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। बिल्डरों की संपत्तियों का पता लगाने के लिए भूमि अभिलेख विभाग, स्टांप एवं निबंधन विभाग, आरटीओ और आयकर विभाग की मदद ली जाएगी। जिन बिल्डरों ने महा-रेरा के आदेशों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ ‘आरआरसी’ (Recovery as Arrears of Land Revenue) प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से बकाया राशि की वसूली सरकारी बकाया की तरह की जा सकती है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वसूली की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और जहां प्रदर्शन कमजोर है, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। सरकार का कहना है कि इस सख्त रुख से घर खरीदारों को राहत मिलेगी और बिल्डरों को महा-रेरा के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य किया जा सकेगा।

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