CM फडणवीस का OSD बताकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ की ठगी डिजाइन फोटो
मुंबई

CM फडणवीस का OSD बताकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ की ठगी, 50 करोड़ के बिल पास कराने का दिया झांसा, आरोपी गिरफ्तार

CM Devendra Fadnavis OSD Fraud: मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का OSD बताकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ रुपये ठगे। आरोपी आसिफ इस्माइल पठाण को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है।

आकाश मसने

Highlights

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का OSD बताकर पीडब्ल्यूडी ठेकेदार से ठगी।

  • PWD के 50 करोड़ रुपये के लंबित बिल पास कराने के नाम पर 3.25 करोड़ रुपये ऐंठे।

  • मरीन ड्राइव पुलिस ने आरोपी आसिफ इस्माइल पठाण को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया।

CMO Fake OSD Scam Fraud: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष कार्य अधिकारी (OSD) होने का झांसा देकर एक नामी ठेकेदार से 3.25 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान छत्रपति संभाजीनगर निवासी आसिफ इस्माइल पठाण के रूप में हुई है। उसने पीडब्ल्यूडी के 50 करोड़ रुपये के लंबित बिल मंजूर कराने का लालच देकर ठेकेदार से कमीशन के नाम पर यह रकम वसूली थी। 3.25 करोड़ रुपये लेने के बाद भी आरोपी ने 75 लाख रुपये की और मांग की। इससे ठेकेदार को संदेह हुआ और मंत्रालय में जांच कराने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

50 करोड़ रुपये के बिल को पास कराना का दिया झांसा

अकोला के ओबेरॉय कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार रणजीतसिंह ओबेरॉय के पीडब्ल्यूडी में करीब 50 करोड़ रुपये के बिल लंबे समय से लंबित थे। इसी का फायदा उठाकर आसिफ पठाण ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ओएसडी बताया।

साथ ही दावा किया कि मंत्रालय में उसकी अच्छी पकड़ है और उसके कहने पर कोई भी फाइल आगे बढ़ सकती है। लंबित बिल तत्काल मंजूर कराने का भरोसा देकर उसने कमीशन के नाम पर अलग-अलग समय में 3.25 करोड़ रुपये वसूल लिए।

मुंबई में 1.25 करोड़ रुपये की नकदी ली

ठगी की साजिश के तहत आरोपी ने 10 सितंबर को ठेकेदार को मुंबई बुलाया। मंत्रालय परिसर और आसपास के स्थानों का संदर्भ देकर उसने अपना प्रभाव जमाया। इसके बाद अपने एक कथित साथी के माध्यम से 1.25 करोड़ रुपये नकद प्राप्त किए। पहले ही करोड़ों रुपये लेने के बावजूद आरोपी की मांग खत्म नहीं हुई। उसने बिल मंजूर कराने के लिए तत्काल 75 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया।

मंत्रालय में पूछताछ से खुला फर्जीवाड़ा

लगातार पैसों की मांग से परेशान ठेकेदार रणजीतसिंह ओबेरॉय को संदेह हुआ। उन्होंने 30 सितंबर को मंत्रालय पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और संबंधित विभाग में आसिफ इस्माइल पठाण के बारे में पूछताछ की। जांच में पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार के किसी विभाग में वरिष्ठ अधिकारी अथवा ओएसडी के पद पर कार्यरत नहीं है। इसके बाद ठेकेदार को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।

छत्रपति संभाजीनगर से आरोपी गिरफ्तार

ठेकेदार की शिकायत पर मरीन ड्राइव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जाल बिछाकर छत्रपति संभाजीनगर से आरोपी आसिफ पठाण को गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब आरोपी से ठगी के 3.25 करोड़ रुपये की रकम बरामद करने, वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों और मुंबई में नकदी लेने वाले उसके कथित साथी की तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर आरोपी ने अन्य निर्माण ठेकेदारों को भी इसी तरह निशाना बनाया हो सकता है। इस दिशा में जांच जारी है।

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