Maharashtra Cabinet Decisions Dam Slit Policy: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए अहम फैसला लिया है। अब उनकी उपज और बांधों से निकलने वाले कचरे को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। इस पर संशोधित नीति लाई गई है। राज्य की 6 बड़ी परियोजनाओं से प्रयोग के तौर पर गाद और रेत निकाली जाएगी।
इससे बांधों का जल भंडारण बढेगा और कचरे का सही इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबनिट की बैठक में पानी के भंडारण, संतरे की इंपोर्ट ड्यूटी रिफंड स्कीम को रद्द करने, मेडिकल शिक्षा संस्थानों की इमारतों को 50 प्रतिशत छूट के साथ ही 13 अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट की बैठक में संतरे की आयात ड्यूटी रिफंड स्कीम को रद्द करने का फैसला लिया गया है। बांग्लादेश को एक्सपोर्ट किए जाने वाले संतरे पर आयात ड्यूटी पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही थी। यह फैसला इसलिए लिया गया है कि क्योंकि राज्य के किसानों को इस योजना का फायदा नहीं मिल रहा था।
निर्णयानुसार सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों से गाद और गाद वाली रेत हटाने के लिए बदली हुई नीति पर अमल किया जाएगा। इससे पानी का भंडारण बढ़ेगा, किसानों को काफी गाद मिलेगी। बांधों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
नासिक जिले के अंबोली-वेलुंज स्ट्रीम डायवर्जन प्रोजेक्ट के लिए 49 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। कोकण के सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिले के लिए सिंधुरत्न समृद्धि योजना 2.0 आगामी तीन साल के लिए लागू की जाएगी।
निजी अनुदानित रहवासी हायर सेकेंडरी आश्रम स्कूलों के शिक्षकों के लिए 12 और 24 साल की नियमित सेवा के बाद चट्टोपाध्याय कमीशन के अनुसार सीनियर पे स्केल और सिलेक्शन स्केल लागू करने की मंजूरी दी गई है।
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