Mumbai Metro Line 5A Cabinet Approval: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए 18,130 करोड़ रुपये के एक विशाल निवेश पैकेज को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसले न केवल मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की ट्रैफिक समस्या को हल करेंगे, बल्कि विदर्भ और नासिक जैसे क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी नई रफ़्तार देंगे।
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण मुंबई मेट्रो लाइन 5A है, जो ठाणे, भिवंडी और कल्याण के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों की जिंदगी बदल देगी।
मेट्रो लाइन 5A, मूल लाइन 5 (ठाणे-भिवंडी-कल्याण) का एक रणनीतिक विस्तार है। महाराष्ट्र सरकार का उद्देश्य इसे केवल एक परिवहन का साधन न बनाकर, एक 'कनेक्टिविटी हब' के रूप में विकसित करना है।
मेट्रो लाइन 5A का सबसे बड़ा फायदा इसका मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन है। यह लाइन ठाणे और कल्याण के रेलवे स्टेशनों के साथ तालमेल बिठाएगी, जिससे यात्रियों को मुंबई लोकल ट्रेन से उतरकर मेट्रो पकड़ने में आसानी होगी। यह आने वाली मेट्रो लाइन 4 (वडाला से कासरवडवली) से भी जुड़ेगी। इससे ठाणे, पूर्वी उपनगर और बाहरी सैटेलाइट शहरों के बीच एक विशाल निर्बाध नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
मुंबई मेट्रो लाइन 5 अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी और 18,130 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ इस प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। रूट के कुछ हिस्सों पर पिलर और निर्माण कार्य पहले से ही नजर आने लगा है, लेकिन ताज़ा फंडिंग के बाद 5A सेक्शन पर काम में और तेजी आएगी। सरकार की योजना इसे चरणों (Phases) में शुरू करने की है ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
आधिकारिक लक्ष्यों के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट के 2027 या 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, ठाणे से भिवंडी के बीच का पहला चरण 2025 या 2026 तक ही चालू किया जा सकता है। वहीं, कल्याण तक जाने वाला दूसरा चरण अपनी भौगोलिक जटिलताओं के कारण थोड़ा अधिक समय ले सकता है।
18,130.55 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी मुंबई मेट्रो लाइन 5A परियोजना को वित्तीय मजबूती देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का भी सहयोग लिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) से कर्ज लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि फंड की कमी के कारण काम बीच में नहीं रुकेगा।
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मेट्रो कनेक्टिविटी के चलते भिवंडी और कल्याण का रियल एस्टेट मार्केट इस वक्त निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ इन इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी का अनुमान है।