Anganwadi Food Quality Controversy: महाराष्ट्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहरा गया है। पुणे जिले के आंबेगांव में खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाली आंगनवाड़ी वर्कर रेशमा पारधी को विभाग की ओर से निलंबन नोटिस दिए जाने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
विवाद उस समय सामने आया, जब रेशमा पारधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र में उपलब्ध कराई गई पीली मटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उनका दावा था कि पीली मटर को लंबे समय तक प्रेशर कुकर में पकाने के बावजूद वह ठीक से नहीं पकी। पारधी ने खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर अन्य अनाज के संबंध में भी शिकायतें होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
रेशमा पारधी के अनुसार, भोजन खाने के बाद कुछ बच्चों ने पेट में दर्द की शिकायत की और कुछ बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। उन्होंने सरकार से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं करने की अपील की।
उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे से भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने रेशमा पारधी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी और उन्हें निलंबन नोटिस जारी किया। इसी कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, सत्तारूढ़ राकां विधायक दिलीप वलसे पाटिल ने स्वीकार किया कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी आंगनवाड़ी में उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इससे मामला केवल पुणे जिले तक सीमित नहीं रहने के संकेत मिल रहे हैं। अब खाद्यान्न की गुणवत्ता, आपूर्ति व्यवस्था और शिकायत करने वाली वर्कर के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।