Maharashtra Farmer Loan Waiver Second Installment: महाराष्ट्र के संकटग्रस्त अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना' के तहत कर्जमाफी की दूसरी किस्त औपचारिक रूप से जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर अंतिम मोहर लगाई गई, जिसके तुरंत बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की गई।
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, किसान कर्जमाफी योजना के इस दूसरे चरण में कुल 6 लाख 36 हजार 36 पात्र किसानों के लिए 5,086 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। सरकार का दावा है कि इस राशि के हस्तांतरण से राज्य के कृषि क्षेत्र को वित्तीय मजबूती मिलेगी और किसानों को नए सिरे से खेती के लिए कर्ज लेने का मार्ग प्रशस्त होगा।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 7 अगस्त को की गई थी, जिसमें 6 लाख 22 हजार 207 किसानों के खातों में 5,029 करोड़ रुपये भेजे गए थे। यदि दोनों चरणों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो महाराष्ट्र सरकार अब तक कुल 12 लाख 58 हजार 243 किसानों को कर्जमुक्त कर चुकी है। इन दो चरणों में कुल मिलाकर 10,115 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, कर्जमाफी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से किसानों को राशि वितरित की जा रही है। योजना में करीब 32 लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, जबकि 23 लाख से अधिक किसानों को प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा। कुल मिलाकर योजना का लाभ करीब 56 लाख किसानों को मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि साल 2024 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने राज्य के किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था। इसके बाद विभिन्न किसान संगठनों की ओर से कर्जमाफी की मांग को लेकर आंदोलन किए गए। सरकार ने 30 जून तक कर्जमाफी करने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना लागू की गई। शुरुआत में 2019 की कर्जमाफी योजना का लाभ ले चुके किसानों के बकाया कर्ज को लेकर कुछ शर्तें तय की गई थीं।
बाद में सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए ऐसे किसानों का भी दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया। इसके चलते योजना पर सरकार का अनुमानित खर्च बढ़कर करीब 40,980 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
कर्जमाफी का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एग्रीस्टैक और आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है। कर्जमाफी की सूची में नाम आने वाले किसानों को दोनों प्रक्रियाएं पूरी करना आवश्यक होगा। सरकार के मुताबिक, पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है और लाभार्थियों की संख्या लगातार अपडेट की जा रही है। योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।