फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द (pic credit; social media) 
मुंबई

महाराष्ट्र में 89 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द, नियम उल्लंघन और खामियों का बड़ा खुलासा

Mumbai News: महाराष्ट्र सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 89 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। अग्निसुरक्षा, प्रयोगशालाओं और शिक्षकों की कमी जैसे गंभीर घोटालों के कारण यह बड़ा कदम उठाया गय

सोनाली चावरे

Pharmacy Colleges Derecognized: महाराष्ट्र में फार्मेसी शिक्षा पर बड़ा एक्शन लिया गया है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले राज्य के 89 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। इस फैसले से इस वर्ष डी. फार्मेसी के 71 और बी. फार्मेसी के 18 कॉलेजों में छात्र अब प्रवेश नहीं ले सकेंगे।

यह कार्रवाई फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की सिफारिशों और महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल व तकनीकी शिक्षा संचालनालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में इन कॉलेजों द्वारा गंभीर अनियमितताएं और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़ी कमियां उजागर हुई थीं।

सरकार ने शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से पीसीआई को मान्यता रद्द करने की सिफारिश भेजी थी। इसके आधार पर परिपत्रक जारी कर इन संस्थाओं को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।

कॉलेजों में पाई गई बड़ी खामियां

  • अग्निसुरक्षा और ऑक्युपंसी प्रमाणपत्र की कमी
  • अपूर्ण प्रयोगशालाएं और अधूरी बुनियादी सुविधाएं
  • योग्य शिक्षक और प्राचार्य की कमी
  • किराए की इमारतों में संचालन
  • किताबों व उपकरणों के फर्जी बिल
  • प्रयोगशालाओं के कागज़ी अस्तित्व

जांच में यह साफ हुआ कि कई कॉलेज केवल नाम के लिए संचालित हो रहे थे जबकि शैक्षणिक स्तर बेहद खराब था।

छात्रों की कमी से बिगड़ी हालत

पिछले कुछ वर्षों में राज्य में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे सीटें बड़ी संख्या में खाली रह गईं और कई कॉलेजों को छात्रों की कमी का सामना करना पड़ा। इसी वजह से गुणवत्ता पर नियंत्रण की मांग लगातार उठती रही। इंडियन फार्मास्युटिकल कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद उमेकर ने भी कई बार कहा था कि जरूरत से ज्यादा कॉलेजों को अनुमति देना शिक्षा की गुणवत्ता पर चोट करता है।

किन जिलों के कॉलेज फंसे?

ठाणे, कोल्हापुर, नागपुर, नाशिक, सोलापुर और छत्रपती संभाजीनगर समेत कई जिलों के नामचीन कॉलेज इस सूची में शामिल हैं। शाहापुर के एक कॉलेज ने बुनियादी सुविधाओं की जानकारी तक नहीं दी। उल्हासनगर के कॉलेज ने अग्निसुरक्षा के दस्तावेज पेश नहीं किए। नाशिक और संभाजीनगर के कुछ संस्थानों द्वारा दिए गए जियो-टैग फोटो भी अधूरे और संदिग्ध पाए गए।

मजीठिया के खिलाफ 40 हजार पन्नों की चार्जशीट, AAP ने 736 करोड़ की मनी ट्रेल और BJP से कनेक्शन का किया दावा

बैलेट बॉक्स, इस्तीफा दो से DK इट्स डन ब्रो तक, MLC चुनाव के नतीजों पर BJP ने कांग्रेस पर की मीम्स की बौछार

MLC Election Results: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट; नागपुर और वाराणसी में फंसा पेच

Cyclone Alert: दिल्ली से आंध्र तक 19 राज्यों में अर्नब चक्रवात का असर, बारिश-तेज हवाओं और लैंडस्लाइड का अलर्ट

Cyclone Arnab Update: 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, अब इन राज्यों में बारिश की चेतावनी