लीना नायर (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

कोल्हापुर से Chanel की ग्लोबल CEO तक, लीना नायर की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

Kolhapur से निकलकर Chanel की ग्लोबल CEO बनने तक लीना नायर की यात्रा प्रेरणादायक है। इंजीनियरिंग गोल्ड मेडलिस्ट से अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट लीडर बनने तक उन्होंने भारतीय महिला नेतृत्व की नई पहचान बनाई।

अपूर्वा नायक

Leena Nair Chanel CEO Journey: भारतीय महिलाओं में बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस हमेशा रहा है। इसी का शानदार उदाहरण हैं लीना नायर, जो फ्रांस के लक्जरी फैशन हाउस Chanel की ग्लोबल CEO हैं।

उनका नेतृत्व सिर्फ कॉर्पोरेट बोर्डरूम तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक बिजनेस जगत में भारत की बढ़ती पहचान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नेतृत्व की उपस्थिति को रेखांकित किया।

कोल्हापुर से शुरू हुई प्रेरक यात्रा

11 जून 1969 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जन्मी लीना नायर का पालन-पोषण एक शिक्षित परिवार में हुआ। पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता मिली और उन्होंने होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। शुरुआती दिनों से ही उन्होंने शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी।

इंजीनियरिंग गोल्ड मेडलिस्ट और XLRI से MBA

लीना नायर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया और 1992 में XLRI से MBA किया। वह अपने परिवार की पहली महिला थीं जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों ने उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया में मजबूत शुरुआत दिलाई।

हिंदुस्तान यूनिलीवर में ऐतिहासिक नेतृत्व

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान यूनिलीवर में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की। वर्षों की मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर 2007 में वह कंपनी की पहली महिला और सबसे कम उम्र की HR एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनीं। 2016 में यूनिलीवर की पहली महिला और एशियाई CHRO बनने के साथ उन्होंने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई।

Chanel की CEO और वैश्विक सम्मान

दिसंबर 2021 में लीना नायर Chanel की ग्लोबल CEO बनीं, जो ब्रांड के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले, जिनमें 2025 का CBE अवॉर्ड और फोर्ब्स की शक्तिशाली महिलाओं की सूची शामिल है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 362 करोड़ रुपये) बताई जाती है, जो उनकी वैश्विक सफलता को दर्शाती है।

Women Helplines: महिला सुरक्षा के लिए सरकार की 10 सुविधाएं, हेल्पलाइन से कानूनी मदद तक; जानें कहां मिलेगी मदद

BJP नेता माधवी लता की बागलकोट में एंट्री बैन, 23 सितंबर से 23 अक्टूबर तक रोक, कानून-व्यवस्था के लिए बताया खतरा

राज ठाकरे की रैलियों में भीड़, फिर क्यों नहीं मिलते वोट? MNS चीफ ने चुनाव आयोग और BJP पर लगाए गंभीर आरोप

TMC सिंबल फ्रीज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से सोमवार तक मांगा जवाब, कहा- जल्दी निपटाओ मामला

एक खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते... मुख्य चुनाव आयुक्त पर मुकेश सहनी का विवादित बयान