Piyush Goyal initiative (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

चर्मकार युवाओं को चमड़ा उद्योग का प्रशिक्षण, पीयूष गोयल की पहल से उत्तर मुंबई में खुला कौशल विकास का नया द्वार

Charmakar Youth Training: कांदिवली स्थित कौशल विकास केंद्र में पीयूष गोयल की पहल से चर्मकार समुदाय के युवाओं को चमड़े के जूते-चप्पल निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

आंचल लोखंडे

North Mumbai News: उत्तर मुंबई के सांसद एवं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में कांदिवली (पूर्व) स्थित अटल बिहारी वाजपेयी कौशल विकास केंद्र में चर्मकार समुदाय के 20 युवाओं के लिए चमड़े के जूते-चप्पल निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण 27 जनवरी से 24 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

केंद्रीय पादत्राण प्रशिक्षण संस्थान, आगरा से विशेषज्ञ प्रशिक्षक देवेंद्र तिवारी और मिथुन कुमार सिंह प्रतिभागियों को डर्बी जूते, पुरुषों के टांकेदार सैंडल तथा महिलाओं की चप्पल निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह कार्यक्रम संत रोहिदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर ग्राम उद्योग विकास योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है।

प्रशिक्षुओं का काश्मीरा स्थित एक उत्पादन इकाई का दौरा

21 फरवरी को सभी 20 प्रशिक्षुओं ने मीरा-भाईंदर के काश्मीरा स्थित एक उत्पादन इकाई का दौरा किया, जहां उन्होंने कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक की पूरी निर्माण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

पीयूष गोयल ने कहा कि यह पहल पारंपरिक कौशल को स्थायी उद्यमिता में बदलने का प्रयास है। पादत्राणों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किए जाने से छोटे कारीगरों को भी सीधा लाभ मिल रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये युवा अपने नाम से उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच सकेंगे और निर्यातकों की मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बन सकेंगे।

B Nagendra Resignation: कौन हैं बी नागेंद्र, डीके शिवकुमार कैबिनेट से क्यों दिया इस्तीफा; जानें सबकुछ

वाल्मीकि निगम घोटाले में घिरे B. Nagendra ने दिया इस्तीफा, बोले- दलित होने के कारण बनाया जा रहा निशाना

अरुणाचल प्रदेश में डोली धरती, कुरुंग कुमे में महसूस किए गए भूकंप के झटके; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग!

रक्षाबंधन पर PM मोदी का खास अंदाज, बच्चों के साथ की मस्ती; छोटी बच्ची से की ये खास फरमाइश- VIDEO

मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना है, अमित शाह ने क्यों कही ये बात? कोरोना काल का भी सुनाया बड़ा अनुभव