Maharashtra Politics: महायुति सरकार महत्वाकांक्षी 'लाडली बहन' योजना को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है, क्योंकि महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने लाभार्थियों को मिलने वाले पैसों पर एक विवादित बयान दे दिया है। वाशिम में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री द्वारा की गई शॉपिंग वाली टिप्पणी के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है और इसे महिलाओं का मज़ाक उड़ाना बता रहा है।
वाशिम के अहिल्या भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री अदिति ने कहा कि सरकार से 1500 रुपए मिलने के बाद महिलाएं शॉपिंग करती हैं और पैसे बैंक खाते में आते ही मार्केट में भीड़ बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से ज्यादा अब व्यापारी उनसे पूछते हैं कि पैसे कब जमा होंगे। इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
इस योजना के तहत सालाना ढाई लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपए दिए जाते हैं। विधानसभा चुनाव के बाद सरकार ने इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया, जिसके बाद लाखों महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने यह योजना सिर्फ चुनाव जीतने के लिए शुरू की थी और अब महिलाओं को धोखा दिया जा रहा है।
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इस राजनीतिक घमासान के बीच उन महिलाओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है जो तय समय पर ई-केवाईसी नहीं करा पाई थीं। सरकार ने बंद हो चुकी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को एक बार फिर से शुरू कर दिया है। प्रभावित महिलाएं अब अगले छह महीने तक अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकेंगी, जिससे उन्हें योजना का लाभ दोबारा मिलना शुरू हो जाएगा।