Maharashtra Political Controversy: किरिट सोमैया और इम्तियाज जलील के बीच जारी सियासी बयानबाजी अब कानूनी दायरे में पहुंच गई है। सोमैया ने जलील के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। सोमैया का आरोप है कि एक सार्वजनिक भाषण में जलील ने उन्हें “तोतला” कहकर संबोधित किया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
उनका कहना है कि यह टिप्पणी जानबूझकर की गई और इसका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था। नोटिस में जलील से दो राष्ट्रीय समाचार पत्रों में सार्वजनिक माफी प्रकाशित करने की मांग की गई है। साथ ही मानसिक पीड़ा और छवि को हुए नुकसान के लिए 10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी मांगी गई है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया है कि जलील ने मुंब्रा के एक प्रमुख चौक पर कथित आपत्तिजनक रील प्रसारित करने की धमकी दी थी। सोमैया के अनुसार, यह कदम उनकी छवि खराब करने की साजिश का हिस्सा है।
मानहानि नोटिस के जवाब में इम्तियाज जलील ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह नोटिस बेवजह विवाद खड़ा करने का प्रयास है और इससे सच्चाई दबाई नहीं जा सकती। जलील ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को लेकर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर भी सवाल उठने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों और मुस्लिम बहुल इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
इम्तियाज जलील ने संविधान और न्यायपालिका में भरोसा जताते हुए कहा कि अब इस पूरे मामले का फैसला अदालत में ही होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं।