Mumbai Kabutarkhana Reopening Dispute: मुंबई में लंबे समय से बंद कबूतरखानों को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है।
जैन मुनि नीलेशचंद्र महाराज ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि कबूतरखाने जल्द नहीं खोले गए, तो जैन समाज की ओर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जा सकती है।
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की मौजूदगी में जैन मुनि नीलेशचंद्र ने कबूतरखानों के बंद होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
मुनि के अनुसार, करीब आठ महीने पहले आजाद मैदान में हुए आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से पक्षियों के दाने और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था। उनका दावा है कि इसके बावजूद मुंबई के कई कबूतरखाने अभी भी बंद हैं।
नीलेशचंद्र महाराज ने ऐतिहासिक गोडीजी पार्श्वनाथ जैन मंदिर से जुड़े कबूतरखाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंदिर सहित शहर के अन्य स्थानों पर बंद कबूतरखानों को लेकर जैन समाज में नाराजगी है।
उनकी मांग है कि पक्षियों के दाने-पानी की व्यवस्था से जुड़े पुराने आश्वासन को लागू किया जाए और बंद पड़े कबूतरखानों को जल्द खोला जाए।
मुनि नीलेशचंद्र ने राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढा पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जैन समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ये आरोप मुनि की ओर से लगाए गए हैं और मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस जानकारी में शामिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जैन समाज अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता अपना सकता है।
कबूतरखानों को लेकर पक्षियों को दाना खिलाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहर की स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पक्ष पहले भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।