FDA के आदेश की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो) 
मुंबई

स्कूल कैंटीनों में अब चॉकलेट, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक नहीं मिलेंगे! तुकाराम मुंढे का आदेश- क्वालिटी बोर्ड अनिवार्य

Safe Food For Every Child Maharashtra: एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 'सेफ फूड फॉर एवरी चाइल्ड इन महाराष्ट्र' अभियान के तहत कैंटीनों में एफएसएसएआई लाइसेंस और क्वालिटी बोर्ड अनिवार्य किया।

गोरक्ष पोफली

Junk Food Banned In Maharashtra School: होटल, रेस्तरां, डेयरी और क्लबों में मिलावटखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर तहलका मचाकर सुर्खियों में आए एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अब स्कूली कैंटीनों के भोजन व्यवस्था पर भी पैनी नजर रखने का फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने राज्यभर में 'सेफ फूड फॉर एवरी चाइल्ड इन महाराष्ट्र' अभियान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

तुकाराम मुंढे इस फरमान के तहत राज्य के सभी स्कूलों में फूड सेफ्टी बोर्ड, एफएसएसएआई लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों को अनिवार्य करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। इसी के साथ ही कमिश्रनर मुढ़े ने साफ शब्दों में कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों में खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन

पत्रकारों से बातचीत में तुकाराम मुंढे ने कहा कि महाराष्ट्र के एक लाख से अधिक स्कूलों में दो करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं और उन्हें सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनका मूल अधिकार है। इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस अनिवार्य

स्कूल कैंटीन, मिड-डे मील, छात्रावासों की मेस और आंगनवाड़ी से कक्षा 12 तक भोजन उपलब्ध कराने वाले सभी संस्थानों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस अनिवार्य होगा। साथ ही स्कूल केवल लाइसेंसधारी संस्थानों से ही खाद्य सामग्री खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि हाई फैट, हाई सॉल्ट और हाई शुगर वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और उनके विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी।

राज्य के सभी स्कूलों में 'ईट राइट स्कूल' अवधारणा लागू की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

साल में दो बार होगी खाद्य जांच

एफडीए प्रत्येक स्कूल का वर्ष में कम से कम दो बार निरीक्षण करेगा। खाद्य नमूनों की लैब जांच होगी। हर स्कूल में फूड सेफ्टी बोर्ड और फूड सेफ्टी सुपरवाइजर अनिवार्य होंगे। शुद्ध पेयजल, स्वच्छ रसोई और सुरक्षित खाद्य भंडारण सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।

नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग की निगरानी में अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। अभियान की हर महीने समीक्षा भी की जाएगी।

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