

Highlights:
टैक्स ईयर 2026-27 से PF निकासी पर TDS छूट के लिए फॉर्म 121 का प्रावधान है।
पांच साल से कम सेवा पर 50,000 रुपये से अधिक निकासी में TDS लग सकता है।
वैध PAN होने पर पात्र निकासी पर सामान्यतः 10 प्रतिशत TDS लागू हो सकता है।
फॉर्म 121 के लिए संबंधित वित्तीय वर्ष की अनुमानित टैक्स देनदारी शून्य होनी चाहिए।
EPFO New Form 121 Rules 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी निकासी पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) से छूट लेने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब अगर कोई खाताधारक लगातार 5 साल की सेवा पूरी होने से पहले अपने EPF खाते से रकम निकालता है, तो उसे टैक्स ईयर 2026-27 से TDS कटौती से राहत पाने के लिए नए फॉर्म 121 का उपयोग करना होगा। इससे पहले इसके लिए फॉर्म 15G और 15H का इस्तेमाल किया जाता था।
यह बदलाव नए इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 और इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 के लागू होने के बाद प्रभावी हुआ है। फॉर्म 121 जमा करके करदाता यह घोषणा कर सकते हैं कि संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए उनकी कुल अनुमानित कर देनदारी शून्य (Zero) है। हालांकि, केवल इस फॉर्म को जमा करने मात्र से निकाली गया पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं हो जाता।
नौकरी बदलने वाले, आर्थिक तंगी का सामना कर रहे या 5 साल की सेवा पूरी करने से पहले पीएफ का पैसा निकालने वाले कर्मचारियों के लिए इन नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि अवांछित टैक्स कटौती से बचा जा सके।
5 साल की निरंतर सेवा अवधि पूरी होने से पहले EPF से पैसे निकालने पर TDS कट सकता है। नियमों के अनुसार:
₹50,000 से अधिक की निकासी: यदि निकाली जाने वाली राशि ₹50,000 से ज्यादा है और सेवा अवधि 5 साल से कम है, तो TDS लागू होता है।
PAN उपलब्ध होने पर दर: यदि सदस्य का सही परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) अपडेटेड है, तो 10% की दर से TDS काटा जाता है।
5 साल से कम सेवा होने पर हर स्थिति में TDS नहीं कटता। यदि पीएफ राशि को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जा रहा है या कर्मचारी के नियंत्रण से बाहर की विशेष परिस्थितियां हैं, तो नियमानुसार TDS से राहत मिल सकती है।
फॉर्म 121 एक स्व-घोषणापत्र (Self-Declaration) है, जिसके जरिए योग्य टैक्सपेयर यह सूचित करते हैं कि उस वित्तीय वर्ष में उनकी अनुमानित कुल आय पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती।
आयकर विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, नया फॉर्म 121 पूर्व में उपयोग किए जाने वाले फॉर्म 15G और 15H की जगह लेता है। हालांकि, इसके लिए तय पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है।
कुल अनुमानित आय: सभी लागू छूटों और कटौतियों को घटाने के बाद वित्तीय वर्ष की अनुमानित कर देनदारी शून्य होनी चाहिए।
निकासी राशि: प्रस्तावित निकासी राशि TDS के लिए तय सीमा से अधिक होनी चाहिए।
सेवा अवधि: लगातार 5 साल की नौकरी पूरी हुई है या नहीं और क्या कोई विशेष छूट लागू होती है।
समय सीमा: भुगतान या क्रेडिट होने से पहले (बेहतर होगा कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही) यह फॉर्म जमा कर दिया जाए।
ऐसा नहीं है। फॉर्म 121 सिर्फ 'स्रोत पर कर कटौती' (TDS) न काटने का एक अनुरोध है। यह फॉर्म इस बात की गारंटी नहीं देता कि निकाला गया पैसा आयकर के तहत नहीं आता। अगर कोई कर्मचारी 3 साल की नौकरी के बाद पीएफ निकालता है और फॉर्म 121 देता है, तो भी उसे अपनी कुल आय के आधार पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय इस राशि का ब्योरा देना पड़ सकता है और यदि कोई टैक्स बनता है, तो उसका भुगतान करना होगा।