मिड-डे मील की गुणवत्ता पर तुकाराम मुंढे का बड़ा फैसला! स्कूलों में जंक फूड बैन, FSSAI लाइसेंस हुआ अनिवार्य

FDA Tukaram Mundhe Decision: महाराष्ट्र में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारने के लिए FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के सख्त आदेश। FSSAI लाइसेंस अनिवार्य।
Tukaram Mundhe Mid Day Meal Quality
मिड-डे मील पर तुकाराम मुंढे का नया अभियान (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Tukaram Mundhe Mid Day Meal Quality Maharashtra: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्य के 1 लाख से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले 2 करोड़ से अधिक छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर एक ऐतिहासिक एवं सख्त पहल की है। पिछले दो महीनों से विभिन्न क्षेत्रों में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के बाद, अब FDA ने स्कूलों, छात्रावासों और कैंटीनों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता सुधारने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।

इस दिशा में 'महाराष्ट्र में हर बच्चे के लिए सुरक्षित भोजन' अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं।

FSSAI लाइसेंस अनिवार्य; बिना लाइसेंस नहीं मिलेगा खाना

पत्रकारों को संबोधित करते हुए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि चाहे स्कूल राज्य बोर्ड का हो, सीबीएसई या आईसीएससी का, सभी पर नए नियम समान रूप से लागू होंगे। आंगनवाड़ी से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूलों, कैंटीनों, छात्रावासों की मेस और मिड-डे मील आपूर्ति करने वाले सभी संगठनों के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है।

अब स्कूल केवल मान्यता प्राप्त और लाइसेंस धारक आपूर्तिकर्ताओं से ही भोजन सामग्री खरीद सकेंगे।

स्कूल परिसर के 50 मीटर दायरे में जंक फूड और विज्ञापनों पर बैन

छात्रों में पौष्टिक खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए एफडीए ने जंक फूड पर बड़ा कड़ा रुख अपनाया है। स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में उच्च वसा, अधिक नमक और अत्यधिक चीनी (HFSS - High Fat, Sugar and Salt) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके साथ ही, स्कूल परिसर में ऐसे अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का विज्ञापन करना भी कानूनी रूप से प्रतिबंधित होगा। इन नियमों का पालन कराने की सीधी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।

'ईट राइट स्कूल' मॉडल और साल में दो बार होगी लैब टेस्टिंग

राज्य के सभी विद्यालयों को 'ईट राइट स्कूल' के रूप में विकसित किया जाएगा। नए नियमों के तहत निरीक्षण व लैब टेस्ट जरूरी होगा। एफडीए की टीम वर्ष में कम से कम दो बार प्रत्येक स्कूल के भोजन और रसोई का औचक निरीक्षण करेगी तथा भोजन के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजेगी। हर स्कूल में एक 'फूड सेफ्टी बोर्ड' स्थापित होगा और एक खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। साफ पानी और स्वच्छता जरूरी होगी। स्कूलों में पीने का शुद्ध पानी और रसोई में स्वच्छता का उच्चतम स्तर बनाए रखना अनिवार्य होगा।

तुकाराम मुंढे ने चेतावनी दी है कि शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से इन नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं व ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इन सभी प्रक्रियाओं की हर महीने समीक्षा होगी।

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