तटरक्षक बल ने मुंबई के पास अवैध डीजल तस्करी के संदेह में मछली पकड़ने वाली नाव पकड़ी।
नाव पर करीब 4,000 लीटर डीजल होने का दावा; पीछा करते समय 500 लीटर समुद्र में बहाया।
6 मोबाइल फोन जब्त, तटरक्षक बल समेत 4 एजेंसियां करेंगी संयुक्त जांच।
Mumbai Diesel Smuggling Investigation: भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मुंबई के पास समुद्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध डीजल तस्करी के संदेह में महाराष्ट्र में पंजीकृत मछली पकड़ने वाली नाव ‘हरिद्वार कृपा’ को पकड़ा है।
नाव प्रॉग्स लाइटहाउस के पास एक मालवाहक जहाज के निकट संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाई गई थी। मामले में आगे की जांच के लिए कई सुरक्षा और जांच एजेंसियों को शामिल किया गया है।
तटरक्षक बल के जहाजों ने समुद्री वीएचएफ चैनल के जरिए नाव के चालक दल को रुकने की चेतावनी दी। आरोप है कि चालक दल ने निर्देशों को नजरअंदाज कर भागने की कोशिश की। इसके बाद आईसीजी के जहाजों ने पीछा कर नाव को घेर लिया और रोक दिया।
पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के प्रयास में करीब 500 लीटर डीजल समुद्र में बहा दिया। शुरुआती जांच में नाव के कैप्टन ने नाव पर लगभग 4,000 लीटर अवैध डीजल होने की बात स्वीकार की। हालांकि, डीजल की वास्तविक मात्रा और उसके स्रोत की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
तटरक्षक बल की बोर्डिंग टीम ने नाव से जरूरी दस्तावेज और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं। नाव, उसके चालक दल और जब्त साक्ष्यों को मुंबई शहर हार्बर लाकर येलो गेट पुलिस स्टेशन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जब्त मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच से कथित तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
मामले की जांच के लिए भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना, स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि डीजल कहां से लाया गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और क्या इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। डीजल की मात्रा, तस्करी के नेटवर्क और चालक दल की भूमिका से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।