

महाराष्ट्र एटीएस ने संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप की जांच में 5 जगह छापेमारी की।
राजापुर में अरबी शिक्षिका, पति और बेटी से पूछताछ; मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त।
हिजबुल मुजाहिदीन से संभावित संबंधों की जांच, अभी सीधा लिंक साबित नहीं हुआ।
Maharashtra ATS Search Operation: महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने राज्य में पांच अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई पाकिस्तान और खाड़ी देशों के सदस्यों वाले एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जांच के तहत की गई। एजेंसी ग्रुप के सदस्यों, उनके बीच हुई बातचीत और संभावित संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस ग्रुप में विभिन्न देशों के लोग जुड़े हुए थे। इनमें कुछ धार्मिक संगठनों से संबंधित सदस्य भी शामिल बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ग्रुप में धार्मिक विषयों पर चर्चा होती थी। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस डिजिटल मंच का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि के लिए किया गया था।
इस कार्रवाई के तहत रत्नागिरी जिले के राजापुर में एक अरबी शिक्षिका, उनके पति और बेटी से कई घंटों तक पूछताछ की गई। जांच के उद्देश्य से उनके मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया गया।
मोबाइल फोन की जांच से ग्रुप में हुई बातचीत और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन तीनों के खिलाफ किसी अपराध में संलिप्तता साबित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
महाराष्ट्र एटीएस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप का पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से कोई संबंध है। फिलहाल, जांच में ऐसा कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
एजेंसी ग्रुप के सदस्यों, डिजिटल संवाद और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।