

RAIDS AI Powers Police Investigations: छत्रपती संभाजीनगर के लिए यह गौरव की बात है कि शहर के निवासी और वर्तमान में रत्नागिरी के पुलिस अधीक्षक नितीन बगाटे की तकनीकी पहल अब महाराष्ट्र पुलिस की जांच व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रही है।
नितिन बगाटे द्वारा विकसित AI आधारित ‘RAIDS’ (Rapid AI-based Identification and Detection System) ऐप को CID की SOP में शामिल किया गया है। इससे अज्ञात शवों की पहचान, लापता व्यक्तियों की तलाश और संदिग्धों तक पहुंचने में पुलिस को तकनीकी मदद मिलने की उम्मीद है।
अज्ञात या लावारिस शव मिलने के बाद उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। चेहरा क्षतिग्रस्त होने, शव की स्थिति खराब होने या उपलब्ध तस्वीर पुरानी होने पर पहचान की प्रक्रिया और मुश्किल हो जाती है।
RAIDS ऐप उपलब्ध तस्वीरों और सूचनाओं का विश्लेषण कर चेहरे के पुनर्निर्माण में मदद करता है। रत्नागिरी में अब तक 153 अज्ञात और लावारिस मामलों का रिकॉर्ड इस प्रणाली में दर्ज किया गया है। इनमें 135 मामलों में AI आधारित चेहरे के पुनर्निर्माण का इस्तेमाल किया गया, जबकि 14 शवों की पहचान करने में सफलता मिली। रत्नागिरी के बाहर के 19 मामलों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
लापता व्यक्तियों की तलाश में भी ऐप उपयोगी साबित हुआ है। रत्नागिरी शहर में 381 लापता लोगों का डेटा RAIDS में दर्ज किया गया है। इनमें से 25 लोगों का पता चेहरे के पुनर्निर्माण की मदद से लगाया गया।
इस तकनीक की उपयोगिता पुराने मामलों में भी सामने आई है। करीब 20 साल पुरानी तस्वीर के आधार पर हत्या के एक मामले में पहचान करने में ऐप से मदद मिली। इसके अलावा बुरी तरह क्षतिग्रस्त चेहरे और जले हुए शव की पहचान में भी तकनीक उपयोगी साबित हुई है।
RAIDS का इस्तेमाल रत्नागिरी तक सीमित नहीं है। नागपुर शहर, अहिल्यानगर, सातारा, पालघर और रायगढ़ समेत विभिन्न जिलों में जांच के दौरान इसका उपयोग किया गया है। अहिल्यानगर में एसिड अटैक के एक मामले की जांच में भी इस तकनीक से मदद मिलने की जानकारी सामने आई है।
ऐप में संदिग्धों की जानकारी के आधार पर संभावित चेहरे के स्केच तैयार करने की सुविधा भी है। GIS मॉनिटरिंग के जरिए संदिग्धों के स्थान और गतिविधियों पर नजर रखने तथा आपराधिक इतिहास से जुड़ी जानकारी के विश्लेषण में भी तकनीक मदद करती है।
नितीन बगाटे की इस तकनीकी पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित प्रधानमंत्री सिल्वर कप प्रतियोगिता में देशभर से चयनित अधिकारियों के बीच उन्हें तीसरा पुरस्कार मिला था।
अब CID की SOP में RAIDS को शामिल किए जाने से इसके राज्यभर में इस्तेमाल का रास्ता खुल गया है। पुलिस के अनुभव, डेटा विश्लेषण और AI तकनीक के इस मेल से महाराष्ट्र में अपराध जांच को अधिक तेज और तकनीक-सक्षम बनाने की उम्मीद है।