Maharashtra IMD Red Alert: महाराष्ट्र में मानसून की सक्रियता एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, विशेष रूप से विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अतिवृष्टि जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे लगभग 10 जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने और तटीय व निचले इलाकों में सुरक्षा बरतने की सख्त अपील की है।
मौसम विभाग ने उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के लिए सीधे रेड अलर्ट की घोषणा की है। जलगांव में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका के चलते जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसानों को खेतों में खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी गई है।
रेड अलर्ट: यवतमाल, अमरावती, हिंगोली, परभणी, जालना जिलों और पुणे-नासिक के घाटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड एलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट: वाशिम, अकोला, वर्धा और चंद्रपुर जिलों के लिए जारी।
येलो अलर्ट: नागपुर और बुलढाणा जिलों के लिए घोषित।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, विदर्भ में 1 अगस्त के बाद से बारिश की रफ्तार में कमी आने की संभावना है।
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कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी जिले में वर्तमान में बारिश से अधिक तेज हवाओं का असर देखा जा रहा है। अरब सागर में 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं के कारण बारिश में कुछ रुकावट आई है, हालांकि जिले के लिए येलो अलर्ट जारी रखा गया है।
इसी बीच, गोंदिया जिले के मोरगांव अर्जुनी तालुका स्थित वाडेगांव बांध क्षेत्र में अचानक आए भयंकर चक्रवातीय तूफान ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण गांव के कई मकानों की छतें व टीन-टाइलें उड़ गईं। कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 8 ग्रामीण घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।