सिर्फ बदनाम मत करो, बीजेपी का ऑफर और धमकी किसने दी नाम बताओ, अभिजीत दीपके को बावनकुले की चुनौती

Chandrashekhar Bawankule on Abhijeet Dipke BJP Controversy: बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने अभिजीत दीपके के धमकी और ऑफर वाले दावों पर दी चुनौती, कहा- बदनाम करने के बजाय नाम बताएं।
Chandrashekhar Bawankule on Abhijeet Dipake BJP Controversy
अभिजीत दीपके के दावों पर चंद्रशेखर बावनकुले की खुली चुनौती (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Abhijeet Dipke BJP Controversy: महाराष्ट्र में जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के एक सनसनीखेज दावे के बाद राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है। लगभग 40 दिनों के बाद छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर लौटे अभिजीत दीपके का समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

हालांकि, घर वापसी के बाद दीपके ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि आंदोलन की शुरुआत में उन्हें और उनके माता-पिता को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से धमकियां मिली थीं, साथ ही उन्हें बीजेपी में शामिल होने का ऑफर भी दिया गया था। दीपके के इस बयान से सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है।

अगर दम है तो नाम उजागर करें दीपके: बावनकुले की चुनौती

अभिजीत दीपके के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी के प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से बातचीत में सीधे चुनौती दी। बावनकुले ने कहा, "देश में भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ता हैं। यदि किसी व्यक्ति ने अभिजीत या उनके परिवार को धमकी दी है या कोई प्रस्ताव दिया है, तो उन्हें उस व्यक्ति का स्पष्ट नाम सार्वजनिक करना चाहिए।

बिना किसी सबूत के बीजेपी को सिर्फ बदनाम करने की राजनीति ठीक नहीं है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि बीजेपी के किसी कार्यकर्ता का नाम सामने आता है, तो पार्टी उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

महा-राज आवास शिविर और शिंदे-बीजेपी मतभेद पर बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'महा-राज आवास शिविर' (Maharajas Shivir) के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत राज्य के 76 हजार जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और बीजेपी के बीच चल रहे मतभेदों पर प्रतिक्रिया देते हुए बावनकुले ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक मंझे हुए नेता हैं। स्थानीय विधायक, मंत्री और पालक मंत्री साथ बैठकर हर समस्या का समाधान निकाल लेंगे।

"मनोज जरांगे के मुद्दों को गंभीरता से देखेगी सरकार"

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सरकार को दिए गए एक महीने के अल्टीमेटम पर बोलते हुए बावनकुले ने कहा कि सरकार जरांगे की नई मांगों का अध्ययन करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार के आंदोलन के दौरान भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए उनकी अधिकांश समस्याओं का न्यायसंगत समाधान किया था।

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