IIT Bombay Student Sahil Wakode Suicide Case: पवई स्थित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी को देश के टॉप इंस्टिट्यूट में शुमार किया जाता है। लेकिन हाल के महीनों में यह संस्थान छात्रों की मौत की वजह से विवादों में घिर गया है। पिछले 7 महीनों में 3 छात्रों ने अपनी जान दे दी है। ताजा मामला आईआईटी में बी टेक की दूसरे साल की पढ़ाई कर रहे छात्र साहिल वाकोड़े का है, जिन्होंने शुक्रवार को अपने हॉस्टल के कमरे खुदकुशी कर ली।
साहिल पर आरोप है कि वह परीक्षा के दौरान मोबाइल पर एआई का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। हालांकि साहिल के माता-पिता का आरोप है कि पिछड़ा समाज से होने की वजह से उनके बेटे को परेशान किया जा रहा था।
7 माह में आईआईटी बॉम्बे कैंपस में सुसाइड का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। जुलाई में नया सेमेस्टर शुरू होते ही इसी हॉस्टल में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने जान दी थी। फरवरी में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक और छात्र ने सुसाइड किया था।
आईआईटी बॉम्बे के प्रथम वर्ष के दलित छात्र दर्शन सोलंकी ने 12 फरवरी 2023 को हॉस्टल की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। आईआईटी कैंपस में जातिगत भेदभाव और मानसिक दबाव को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि दर्शन को अनुसूचित जाति से होने के कारण भेदभाव किया जा रहा था। इससे तंग आकर उसने ख़ुदकुशी कर ली थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद साहिल के पिता शव लेकर अपने गांव रवाना हो गए हैं। मामले की जांच क्राइम ब्रान्च को सौंपी गई है।
आईआईटी प्रशासन ने कहा है कि साहिल खुदकुशी मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और इसकी जांच चल रही है। जांच में हमारे सारे शिक्षक व अधिकारी पूरा सहयोग करेंगे। संस्थान ने सभी
से परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की है। साथ ही जांच पूरी होने तक लोगों से किसी भी तरह के कयास या अटकलें लगाने से बचने का अनुरोध किया गया है।
बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल की सुसाइड को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है।
एक प्रेस रिलीज जारी कर एबीवीपी ने कहा कि इस पूरे मामले की पूरी, निष्पक्ष, ट्रांसपेरेंट और इंडिपेंडेंट एसआईटी से जांच कराई जाए।
अगर इस जांच में स्टूडेंट पर किसी भी तरह का प्रेशर, हैरेसमेंट, लापरवाही या कोई और बात पाई जाती है, तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और नियमों के मुताबिक सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए।
संस्था से जुड़े अभिषेक पवार ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि स्टूडेंट्स के मेटल हेल्थ पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। ऐसी घटनाओं को सिर्फ एक घटना के तौर पर देखने के बजाय, उनके पीछे के सभी संभावित कारणों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
साहिल की आत्महत्या मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि इस घटना के संबंध में मृतक छात्र के पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पवई पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर उन सभी लोगों के खिलाफ जांच की जा रही है, जिनके नाम मृतक छात्र के पिता ने एफआईआर में दर्ज कराए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में भी छात्र मर रहे हैं और मुंबई जैसे बड़े शहर में भी।
यह संकट हर जगह फैला हुआ है। छात्रों की जिंदगी को प्राथमिकता देने से पहले और कितने छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।