

Ramdas Athawale Advice To Abhijeet Dipke: भारतीय राजनीति के मंच पर अक्सर अजीबोगरीब नाम और अनूठे सियासी प्रयोग देखने को मिलते हैं, लेकिन क्या आपने कभी कॉकरोच जनता पार्टी का नाम सुना है? जी हां, इस अनोखे नाम वाली पार्टी और इसके युवा संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मामला तब और भी दिलचस्प हो गया जब खुद देश के एक केंद्रीय मंत्री ने इस पार्टी के नाम पर न केवल आपत्ति जताई, बल्कि इसे बदलने की एक बेहद अनूठी नसीहत दे डाली। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पार्टी के संस्थापक को सीधा और दोटूक सुझाव देते हुए कहा है कि भाई, अपनी पार्टी का नाम बदल लो, क्योंकि देश के नौजवान कॉकरोच नहीं हैं।
दरअसल, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले वर्तमान में महाराष्ट्र के यवतमाल दौरे पर हैं। वहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी। आठवले ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और आंबेडकरी आंदोलन के सक्रिय युवा अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने का खुला न्योता दिया था।
रामदास आठवले का मानना था कि रिपब्लिकन पार्टी में कई गुट हैं, और यदि अभिजीत दीपके जैसा सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाला युवा उनके साथ आता है, तो महाराष्ट्र में पार्टी का विस्तार करने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, अभिजीत दीपके ने आठवले के इस शानदार राजनीतिक ऑफर को सीधे तौर पर ठुकरा दिया और कहा कि वे अपनी कॉकरोच जनता पार्टी ही चलाएंगे।
अभिजीत दीपके द्वारा रिपाइं में आने का ऑफर खारिज किए जाने के बाद, रामदास आठवले ने उन्हें एक मजेदार और अनूठा सुझाव दे डाला। आठवले ने कहा कि अगर वे उनके दल में शामिल नहीं होना चाहते हैं, तो कोई जबरदस्ती नहीं है। लेकिन उन्हें अपनी पार्टी का नाम कॉकरोच जनता पार्टी जरूर बदल देना चाहिए क्योंकि यह नाम बिल्कुल भी सही नहीं है।
आठवले ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा, नौजवान कोई कॉकरोच नहीं होते। कॉकरोच तो बस इधर-उधर घूमते रहते हैं। इसलिए युवाओं के संगठन का ऐसा नाम रखना अयोग्य है। अब पूरी राजनीतिक दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय मंत्री के इस अनूठे सुझाव पर अभिजीत दीपके क्या पलटवार करते हैं।
भले ही केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को पार्टी के नाम से आपत्ति हो, लेकिन वे अभिजीत दीपके के कामों और उनके आंदोलनों के बड़े प्रशंसक नजर आए। आठवले ने बताया कि अभिजीत दीपके ने पहले अमेरिका में इस पार्टी की स्थापना की और फिर भारत आकर पेपर लीक प्रकरण के खिलाफ बिल्कुल सही समय पर आंदोलन शुरू किया, जिससे देश भर के लोगों में बड़ी जागरूकता आई।
आठवले ने इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सभी मांगें स्वीकार की हैं।