फैकल्टी फोरम का मार्च (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

IIT-बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में आया फैकल्टी फोरम, भ्रामक रिपोर्टिंग पर जताई चिंता

IIT Bombay Faculty Forum: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने बयान जारी कर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का समर्थन किया है। फोरम ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर को केवल डीन पद की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है।

गोरक्ष पोफली

IIT Bombay Faculty Forum Supports Prof Suryanarayana Dula: IIT Bombay कैंपस में 18 सितंबर को हुई एक छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की घटना के बाद उत्पन्न विवाद और मीडिया जांच के बीच संस्थान का फैकल्टी फोरम प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में मजबूती से सामने आया है।

संस्थान के लगभग 750 संकाय सदस्यों के प्रतिनिधित्व वाले आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने 21 सितंबर को दोपहर 3 बजे एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की। फैकल्टी फोरम ने मीडिया में चल रही खबरों को खारिज करते हुए कहा कि प्रोफेसर डूला को संस्थान से निलंबित नहीं किया गया है और वे अभी भी संकाय के पूर्ण सदस्य बने हुए हैं।

डीन पद की जिम्मेदारी से अस्थायी रूप से मुक्ति

फैकल्टी फोरम ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को केवल डीन के पद की जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से मुक्त किया गया है। फोरम के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि छात्र की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बिना किसी प्रभाव के पूरी की जा सके।

इसके साथ ही फैकल्टी बॉडी ने मीडिया में आ रही झूठी और भ्रामक रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त की। फोरम ने कहा कि आधिकारिक जांच के तथ्य सामने आने से पहले ही इस प्रकार की भ्रामक खबरों के कारण प्रोफेसर डूला की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है।

वरिष्ठ संकाय सदस्य और छात्र कल्याण में योगदान

फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूला को संस्थान का एक अत्यंत वरिष्ठ और सम्मानित शिक्षक बताया। फोरम ने उल्लेख किया कि उन्हें कई शैक्षणिक और शिक्षण सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें से दो पुरस्कार पूरी तरह से छात्रों के फीडबैक के आधार पर दिए गए थे।

इसके अलावा, डीन के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने छात्र कल्याण और उनकी मदद के लिए कई नई पहल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सहानुभूति और निष्पक्ष जांच में संतुलन की मांग

फैकल्टी बॉडी ने छात्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस घटना से हुए दुख को पूरी तरह समझते हैं। फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार एस. पंत द्वारा हस्ताक्षरित इस बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि एक युवा जीवन के जाने पर संवेदना रखना और जिसकी भूमिका की जांच हो रही है उसके प्रति निष्पक्ष रहना, ये दोनों विरोधी बातें नहीं हैं।

IIT बॉम्बे को अपनी प्रतिक्रिया में दया और न्याय दोनों का पालन करना चाहिए। फैकल्टी फोरम लगभग 750 सदस्यों का एक औपचारिक निकाय है, जो संकाय की चिंताओं और विचारों को संस्थान तक पहुंचाने का कार्य करता है।

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