हुसैन दलवई का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो) 
मुंबई

राम मंदिर चंदा चोरी पर क्यों चुप है राहुल गांधी? हुसैन दलवई ने बताई वजह, सीएम फडणवीस को भी घेरा

Husain Dalwai Statement: राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी की चुप्पी की असली वजह क्या है? कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने इस राजनीतिक रणनीति का खुलासा किया है। सीएम फडणवीस पर भी कसा तंज।

गोरक्ष पोफली

Husain Dalwai Statement On Rahul Gandhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने हाल ही में राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर राहुल गांधी की चुप्पी के पीछे की वास्तविक वजहों का खुलासा किया है। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए, दलवई ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का इस मुद्दे पर मौन रहना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि राहुल गांधी इस पर प्रतिक्रिया देते हैं, तो सत्तापक्ष उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने और उनके बयानों को झूठ बताकर मुख्य मुद्दे को भटकाने की कोशिश करता है।

इसके अतिरिक्त, हुसैन दलवई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस आरोप का भी कड़ा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने की बात कही थी, और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी की चुप्पी, एक सोची-समझी रणनीति

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर पूछे गए सवाल पर हुसैन दलवई ने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर नहीं बोलते हैं। दलवई के अनुसार, यह एक सुनियोजित रणनीति है क्योंकि यदि राहुल गांधी कुछ कहते हैं, तो भाजपा और उनके समर्थक उनके पीछे पड़ जाते हैं और उनके बयानों को झूठ करार देकर उन्हें टारगेट करने लगते हैं।

दलवई ने आगे विस्तार से बताया कि राम मंदिर का मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा का विषय है। उन्होंने कहा, राम के बारे में जो श्रद्धा लोगों की है, वैसी ही मेरी भी श्रद्धा है। ये सारी श्रद्धा के खिलाफ ये बातें हैं। उनके अनुसार, चंदा चोरी जैसी घटनाएं लोगों की इसी आस्था को ठेस पहुंचाती हैं और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, न कि विपक्ष के नेता को घेरने की कोशिश करनी चाहिए।

देवेंद्र फडणवीस पर तीखा प्रहार

हुसैन दलवई ने केवल राहुल गांधी का बचाव ही नहीं किया, बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी जोरदार हमला बोला। फडणवीस के उस बयान पर कि विपक्ष महाराष्ट्र को बदनाम कर रहा है, दलवई ने पलटवार करते हुए पूछा, महाराष्ट्र को बदनाम करने का क्या सवाल है? अगर कोई गलती हुई होगी तो उसके ऊपर बोलने का नहीं क्या?

दलवई ने विशेष रूप से मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट और उसमें हुए हादसों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी सरकारी प्रोजेक्ट में बड़े हादसे होते हैं, लोग मरते हैं या उन्हें तकलीफ होती है, तो उन कमियों को उजागर करना विपक्ष का धर्म है। उन्होंने सवाल किया, जिन्होंने प्रोजेक्ट बनाया उन्होंने ये क्यों नहीं देखा? उसके बारे में इंक्वायरी करने की बजाय अपोजिशन को कोसना गलत है।

जवाबदेही और राजनीति पर दलवई के विचार

हुसैन दलवई ने जोर देकर कहा कि इस तरह की बयानबाजी देवेंद्र फडणवीस जैसे नेता को शोभा नहीं देती। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को अपनी गलतियों में सुधार करना चाहिए और जांच बैठानी चाहिए, न कि यह कहना चाहिए कि विपक्ष के बोलने से राज्य की बदनामी हो रही है। दलवई का मानना है कि लोगों की समस्याओं और प्रोजेक्ट्स में हो रही धांधलियों पर बोलना महाराष्ट्र को बदनाम करना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

अंत में, दलवई ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में ये सभी मुद्दे चाहे वह आस्था से जुड़ी श्रद्धा का विषय हो या विकास परियोजनाओं में हो रही लापरवाही जनता के बीच प्रमुखता से रहेंगे। कांग्रेस पार्टी इन विषयों पर अपनी रणनीति के तहत कदम उठा रही है ताकि सत्तापक्ष को उनकी जवाबदेही से भागने का मौका न मिले।

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